Jaipur: डॉ. एन.एल. डिसानिया के निधन से SMS मेडिकल कॉलेज में शोक, तनाव के कारणों की जांच जारी
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एन.एल. डिसानिया के अचानक निधन से चिकित्सा जगत में शोक की लहर है। मंगलवार तक सामान्य दिनचर्या निभाने वाले वरिष्ठ चिकित्सक के निधन ने सहयोगियों और छात्रों को स्तब्ध कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रारंभिक जांच में उनके मोबाइल से मानसिक स्वास्थ्य उपचार से जुड़े कुछ दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच जारी है।
मंगलवार तक सामान्य दिनचर्या, अगले दिन आई दुखद खबर
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सहयोगियों के अनुसार डॉ. एन.एल. डिसानिया मंगलवार तक नियमित रूप से विभागीय कार्यों में सक्रिय थे। उन्होंने अगले दिन अवकाश पर रहने की जानकारी देते हुए विभाग का कार्यभार वरिष्ठ प्रोफेसर को सौंप दिया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उनके निधन की खबर पूरे कॉलेज परिसर को गहरे सदमे में डाल देगी। उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए एसएमएस अस्पताल लाया गया, जहां सहकर्मियों और कर्मचारियों ने भावुक होकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
सहज स्वभाव और नेतृत्व के लिए पहचाने जाते थे
डॉ. डिसानिया को सहयोगी एक शांत, विनम्र और मिलनसार चिकित्सक के रूप में याद कर रहे हैं। वे वरिष्ठ और जूनियर डॉक्टरों के साथ समान व्यवहार रखते थे तथा नए चिकित्सकों का मार्गदर्शन करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा था। मार्च 2025 में उन्होंने फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष का पद संभाला था। उनके नेतृत्व में विभाग में नई फोरेंसिक लैब की तैयारी और मोर्चरी व्यवस्था में सुधार जैसे कई कार्य चल रहे थे। सहयोगियों का कहना है कि उनका निधन चिकित्सा जगत के लिए बड़ी क्षति है।
बैडमिंटन खेलने से किया मना, कुछ घंटों बाद मिली निधन की सूचना
डॉ. डिसानिया के करीबी परिचितों के अनुसार वे पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से बैडमिंटन खेलते थे। बुधवार सुबह भी उन्हें खेलने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने बेटी को एयरपोर्ट छोड़ने की बात कहकर आने में असमर्थता जताई। परिचितों का कहना है कि कुछ समय बाद ही उनके निधन की सूचना मिली, जिस पर किसी को विश्वास नहीं हुआ। यह घटनाक्रम उनके करीबी सहयोगियों और मित्रों के लिए बेहद भावुक और अप्रत्याशित रहा।
पुलिस जांच में जुटी, सभी पहलुओं की हो रही पड़ताल
पुलिस के अनुसार डॉ. डिसानिया को झोटवाड़ा स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया। इसके बाद नियमानुसार मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान उनके मोबाइल फोन से मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के उपचार से संबंधित कुछ दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इन तथ्यों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। तनाव के संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।