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राजस्थान पांचना बांध विवाद: इंटरनेट बंद, प्रशासन अलर्ट, किसानों के आश्वासन के बाद खुला जाम

राजस्थान में पांचना बांध से पानी छोड़ने को लेकर उपजे विवाद ने करौली और सवाई माधोपुर में कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी कर दी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। वहीं किसानों के आंदोलन के बीच सरकार ने वार्ता कर समाधान का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रमुख मार्गों पर यातायात बहाल हो गया। अब प्रशासन जल वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने और हालात सामान्य बनाए रखने पर फोकस कर रहा है।

पांचना बांध विवाद के बाद प्रशासन सख्त, कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा बंद

पांचना बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर बढ़ते विवाद के बाद करौली और सवाई माधोपुर जिला प्रशासन ने एहतियातन कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित होने से तनाव बढ़ने की आशंका थी। इसी को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए वैमनस्य फैलाने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

किसानों के आंदोलन के बाद खुला जाम, प्रमुख मार्गों पर यातायात बहाल

वजीरपुर क्षेत्र के किसानों ने नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने के विरोध में कई दिनों तक सड़क जाम कर रखा था। आंदोलन के कारण करौली, गंगापुर सिटी, हिंडौन और आसपास के इलाकों का यातायात प्रभावित रहा। देर रात कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा आंदोलन स्थल पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर कर निर्धारित समय में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सरकार के भरोसे के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया और प्रमुख मार्गों पर यातायात फिर से सामान्य हो गया, जिससे आम लोगों को राहत मिली।

मंत्रियों और अधिकारियों की हाई लेवल बैठक में बनी रणनीति

विवाद के समाधान और भविष्य की जल प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गंगापुर सिटी में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने की। इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ किसान प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। बैठक में नहरों की तकनीकी समस्याओं, जल वितरण व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसानों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने का निर्णय लिया ताकि किसी भी तरह का तनाव दोबारा पैदा न हो।

17-18 जुलाई को होगा गेटों का परीक्षण, जल वितरण व्यवस्था की होगी समीक्षा

बैठक में निर्णय लिया गया कि पांचना बांध के गेटों और संबंधित संरचनाओं की मरम्मत निर्धारित समय में पूरी की जाएगी। इसके बाद 17 और 18 जुलाई को किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में गेटों का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के दौरान कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़कर पूरी जल वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता की जांच होगी। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर कर किसानों तक समय पर पानी पहुंचाना प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कर जल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

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