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राम मंदिर की 200 किलो चांदी पर उठे सवालों का ट्रस्ट ने दिया जवाब, रिकॉर्ड और तस्वीरों के साथ रखी पूरी स्थिति स्पष्ट


अयोध्या स्थित राम मंदिर को वर्ष 2021 में दान की गई 200 किलो चांदी को लेकर उठे सवालों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। ट्रस्ट का कहना है कि दान में प्राप्त पूरी चांदी का रिकॉर्ड सुरक्षित है, उसे नियमानुसार शुद्ध कर सिल्वर बार में परिवर्तित किया गया है और फिलहाल बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा गया है। साथ ही ट्रस्ट ने दानदाताओं की जानकारी मिलने पर व्यक्तिगत रसीद जारी करने की बात भी कही है

दान की गई चांदी को लेकर क्यों उठा विवाद?

राम मंदिर निर्माण के लिए वर्ष 2021 में दान की गई 200 किलो चांदी को लेकर हाल ही में सवाल उठाए गए। विश्व सिंधी सेवा संगम ने ट्रस्ट को पत्र लिखकर पूछा कि दान स्वरूप दी गई 200 चांदी की ईंटों का उपयोग कहां हुआ और दानदाताओं को अब तक आधिकारिक रसीद क्यों नहीं मिली। संगठन का कहना था कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दान की गई चांदी वर्तमान में किस स्थिति में है और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए प्रस्तावित है। इसी मांग के बाद यह मामला चर्चा में आया।

ट्रस्ट ने रिकॉर्ड के साथ रखा अपना पक्ष

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने जवाब में कहा कि दान में मिली सभी 200 चांदी की ईंटों का पूरा विवरण ट्रस्ट के मूल्यवान धातु रजिस्टर में दर्ज है। ट्रस्ट के अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन ईंटों और अन्य उपलब्ध चांदी को पिघलाकर 99.99 प्रतिशत शुद्धता वाली 20-20 किलोग्राम की सिल्वर बार तैयार कराई गई। ट्रस्ट का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों और प्रशासनिक निर्णयों के अनुरूप संपन्न हुई तथा प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है।

तस्वीरें जारी कर बताया कहां रखी गई है चांदी

ट्रस्ट ने अपने दावे के समर्थन में चांदी के वजन, पिघलाने की प्रक्रिया और तैयार सिल्वर बार की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं। ट्रस्ट के अनुसार, तैयार की गई सभी सिल्वर बार फिलहाल भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित रखी गई हैं। भविष्य में मंदिर की आवश्यकताओं और ट्रस्ट से जुड़े कार्यों के अनुसार इनका उपयोग किया जाएगा। ट्रस्ट का कहना है कि दान की गई संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित है और उसके संरक्षण के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

दानदाताओं की जानकारी मिलने पर जारी होंगी रसीदें

ट्रस्ट ने विश्व सिंधी सेवा संगम से अनुरोध किया है कि वह सभी 200 दानदाताओं के नाम, पते, मोबाइल नंबर, पैन और ईमेल सहित आवश्यक विवरण उपलब्ध कराए। ट्रस्ट का कहना है कि यह जानकारी प्राप्त होने के बाद प्रत्येक दानदाता के नाम से अलग-अलग आधिकारिक रसीद जारी की जाएगी। ट्रस्ट के मुताबिक, इससे दान का रिकॉर्ड और अधिक व्यवस्थित होगा तथा भविष्य में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति भी नहीं बनेगी।

चढ़ावा मामले की जांच में फर्जी रसीदों का भी खुलासा

इसी बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस को जांच के दौरान फर्जी रसीदों से जुड़ी जानकारी भी मिली है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि कुछ लोग ट्रस्ट के नाम पर श्रद्धालुओं से दान लेकर उन्हें नकली रसीदें जारी कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े के माध्यम से कितनी राशि एकत्र की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले की जांच जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष आना अभी बाकी है।

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