Indian Navy Rescue: समुद्र में फंसे मछुआरे के लिए देवदूत बनी भारतीय नौसेना, हेलिकॉप्टर से किया सफल रेस्क्यू
भारतीय नौसेना ने एक बार फिर समुद्र में संकट में फंसे व्यक्ति की जान बचाकर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परिचय दिया है। विशाखापत्तनम तट के पास समुद्र में फंसे एक मछुआरे को नौसेना के ALH Mk III हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। व्यापारी जहाज से एयरलिफ्ट किए गए मछुआरे को प्राथमिक उपचार देने के बाद सुरक्षित नागरिक प्रशासन को सौंप दिया गया।
विशाखापत्तनम तट पर चला हाई-रिस्क बचाव अभियान
भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम तट के पास समुद्र में फंसे एक मछुआरे को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष हवाई बचाव अभियान चलाया। पूर्वी नौसेना कमान के ALH Mk III हेलिकॉप्टर ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ऑपरेशन को अंजाम दिया। नौसेना के अनुसार, मछुआरे की नाव समुद्र में लापता हो गई थी, जिसके बाद उसकी जान खतरे में पड़ गई। समय रहते शुरू किए गए इस अभियान ने एक बार फिर समुद्री आपात स्थितियों से निपटने में नौसेना की दक्षता साबित कर दी।
व्यापारी जहाज ने बचाई जान, फिर नौसेना ने संभाली जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई 2026 को क्षेत्र से गुजर रहे एक व्यापारी जहाज ने समुद्र में फंसे मछुआरे को सुरक्षित बचा लिया था। इसके बाद 6 जुलाई को नागरिक प्रशासन के अनुरोध पर भारतीय नौसेना ने हवाई निकासी अभियान शुरू किया। नौसेना के हेलिकॉप्टर ने व्यापारी जहाज तक पहुंचकर पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली और मछुआरे को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की।
रेस्क्यू होइस्ट तकनीक से किया सुरक्षित एयरलिफ्ट
बचाव अभियान के दौरान हेलिकॉप्टर ने जहाज के ऊपर मंडराते हुए विशेष रेस्क्यू होइस्ट सिस्टम की मदद से मछुआरे को हवा में ही सुरक्षित हेलिकॉप्टर में उठाया। समुद्र के बीच इस तरह का ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें मौसम, हवा की गति और जहाज की गतिविधियों के बीच सटीक समन्वय जरूरी होता है। प्रशिक्षित नौसैनिक दल ने पूरे अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
हेलिकॉप्टर में ही मिला प्राथमिक उपचार
हेलिकॉप्टर में मौजूद मेडिकल टीम ने मछुआरे की तत्काल स्वास्थ्य जांच की और उसे आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से विशाखापत्तनम लाया गया। यहां सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद मछुआरे को नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के हवाले कर दिया गया, ताकि आगे की चिकित्सा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मानवीय सहायता में भी आगे रहती है भारतीय नौसेना
यह अभियान केवल एक सफल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना, नागरिक प्रशासन और व्यापारी जहाजों के बीच बेहतरीन समन्वय का उदाहरण भी है। नौसेना ने एक बार फिर साबित किया कि वह केवल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की हर घड़ी में मानवीय सहायता और खोज एवं बचाव अभियानों के लिए भी पूरी तरह तैयार रहती है।
हाल ही में अदन की खाड़ी में भी बचाई थी जान
इससे पहले भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में भी एक महत्वपूर्ण बचाव अभियान चलाया था। युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड ने संकट में फंसे मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन आर्सेनल की समय पर सहायता कर चालक दल के सभी 21 सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी। हेलिकॉप्टर और विशेष बोर्डिंग टीम की मदद से यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।