Pakistan-Iran Row: खामेनेई को श्रद्धांजलि पर अमेरिका का पाकिस्तान पर हमला, ‘दोहरा रवैया’ बताकर साधा निशाना
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की मौजूदगी को लेकर अमेरिका में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी सीनेटर Rick Scott ने पाकिस्तान पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर इस्लामाबाद अमेरिका के साथ साझेदारी की बात करता है, तो दूसरी ओर तेहरान में ऐसे नेता को श्रद्धांजलि देता है, जिसे अमेरिका मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार मानता है।
अमेरिकी सीनेटर ने पाकिस्तान की भूमिका पर उठाए सवाल
अमेरिकी सीनेटर Rick Scott ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर पाकिस्तान की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को अमेरिका का सहयोगी बताता है, लेकिन ईरान में आयोजित अंतिम संस्कार में शामिल होकर उसने विरोधाभासी संदेश दिया है। स्कॉट ने दावा किया कि इस तरह की गतिविधियां पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसके रुख को लेकर भ्रम पैदा करती हैं।
शहबाज शरीफ की तेहरान यात्रा बनी विवाद का कारण
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए। इस दौरान शरीफ ने Ali Khamenei को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तित्व बताया। उनके इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीतिक हलकों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई।
रिक स्कॉट ने पुराने मुद्दों का भी किया जिक्र
अपने बयान में रिक स्कॉट ने पाकिस्तान के अतीत का हवाला देते हुए कहा कि यह वही देश है जहां लंबे समय तक Osama bin Laden छिपा रहा। उन्होंने पाकिस्तान के ईशनिंदा कानूनों और अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार को लेकर भी आलोचना की। स्कॉट का कहना था कि ऐसे रिकॉर्ड वाले देश की मध्यस्थ की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं और अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है।
समारोह में लगे अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे
तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, समारोह के दौरान अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे लगाए गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के खिलाफ पोस्टर और नारे भी प्रदर्शित किए। इन घटनाओं ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया।
ईरान ने अंतिम संस्कार को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया
ईरान की राजधानी Tehran में आयोजित अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए। सरकारी अधिकारियों ने इस आयोजन को राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग काले वस्त्र पहनकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए और पूरे कार्यक्रम को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया गया।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी बढ़ी नजर
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और Strait of Hormuz से जुड़े मुद्दों पर बातचीत ठप पड़ी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम संस्कार के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास फिर शुरू हो सकते हैं, लेकिन मौजूदा तनाव और राजनीतिक मतभेदों के चलते समाधान की राह अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।