भरतपुर के डीग में साइबर ठगी और सेक्सटॉर्शन नेटवर्क का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी सिम और मोबाइल बरामद
गांवों से चल रहा था साइबर ठगी का संगठित नेटवर्क
राजस्थान के भरतपुर संभाग के डीग जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो गांवों से संचालित होकर देशभर में लोगों को निशाना बना रहा था। जुरहरा थाना पुलिस की कार्रवाई में छह युवकों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड के जरिए अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों से संपर्क करता था और उन्हें ठगी के जाल में फंसाता था। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था।
सेक्सटॉर्शन और फर्जी ट्रांजेक्शन से करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी केवल सामान्य साइबर ठगी ही नहीं बल्कि सेक्सटॉर्शन जैसे गंभीर अपराधों में भी शामिल थे। वे पहले लोगों का विश्वास जीतते, फिर उन्हें फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन का झांसा देकर पैसे वापस भेजने के नाम पर ठगी करते थे। कई मामलों में वे परिचित या रिश्तेदार बनकर पीड़ितों को मैसेज भेजते और फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाकर रकम ऐंठ लेते थे। कुछ मामलों में आपत्तिजनक सामग्री के जरिए ब्लैकमेलिंग भी की जाती थी, जिससे पीड़ित डरकर पैसे भेज देते थे।
छापेमारी में खुला नेटवर्क, मोबाइल और सिम बरामद
4 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। इसके बाद जुरहरा थाना पुलिस ने दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने 5 मोबाइल फोन, 7 फर्जी सिम कार्ड, एक एसयूवी, एक ट्रैक्टर और एक मोटरसाइकिल जब्त की। बरामद सामान से पूरे साइबर नेटवर्क की परतें खुलने लगीं और जांच का दायरा बढ़ गया।
गांवों तक फैला था साइबर अपराध का जाल, जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कंचननेर, उंचेडा और कटलरिया गांव के निवासियों के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और यह गिरोह किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल व डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।