PoK Protests: पाकिस्तान को 48 घंटे का अल्टीमेटम, भारत से मानवीय मदद की अपील
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रही समिति ने भारत से मानवीय सहायता की अपील की है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी हालात पर ध्यान देने की मांग की है।
PoK में विरोध प्रदर्शन तेज, पाकिस्तान सरकार को चेतावनी
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रविवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जहां हजारों लोगों ने विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर दमनात्मक कार्रवाई के आरोप लगाए। आंदोलन का नेतृत्व कर रही समिति ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान हिंसा की भी खबरें सामने आईं, जिनमें एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने का दावा किया गया।
9 जुलाई के लिए बड़े आंदोलन का ऐलान
आंदोलन का नेतृत्व कर रही जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKAAC) ने घोषणा की है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 9 जुलाई को व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। समिति ने स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ विदेशों में रह रहे कश्मीरी समुदाय से भी इस आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नागरिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और आम लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। इसी के मद्देनज़र उन्होंने Organisation of Islamic Cooperation, United Nations, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से PoK का दौरा कर हालात का जायजा लेने की अपील की है। समिति का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
भारत से मानवीय सहायता की अपील
प्रदर्शन के दौरान समिति के नेताओं ने भारत से मानवीय आधार पर सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। उनका कहना है कि क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की कमी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण लोगों को राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की जरूरत है। उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) पर मानवीय राहत के लिए व्यवस्था बनाने की भी मांग की, ताकि गंभीर परिस्थितियों में आम नागरिकों को सहायता मिल सके। यह अपील मानवीय जरूरतों के संदर्भ में की गई है।
तनावपूर्ण माहौल के बीच आगे की रणनीति पर नजर
प्रदर्शनकारी संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन अगले चरण में प्रवेश कर सकता है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की ओर से इन मांगों या आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बातचीत के जरिए समाधान निकलता है या आंदोलन और व्यापक रूप लेता है। क्षेत्र की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।