जगन गुर्जर हत्याकांड: जेल में सीन रिक्रिएशन, पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताई वारदात की कहानी
अजमेर की घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के मामले में जांच तेज हो गई है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार आरोपी विष्णु सिंह जाट से जेल परिसर में सीन रिक्रिएशन कराया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए वारदात के तरीके और कथित कारणों की जानकारी दी। मामले की जांच अभी जारी है।
सीन रिक्रिएशन में पुलिस ने परखा घटनाक्रम
जांच के दौरान पुलिस टीम आरोपी विष्णु सिंह जाट को हाई सिक्योरिटी जेल लेकर पहुंची, जहां उसकी मौजूदगी में घटनास्थल का सीन रिक्रिएशन कराया गया। पुलिस ने आरोपी से यह दिखाने को कहा कि घटना किस प्रकार हुई थी। इस दौरान गमछे के इस्तेमाल और सेल में मौजूद सीसीटीवी कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगाने की कथित प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया। पुलिस का कहना है कि रिक्रिएशन के दौरान आरोपी द्वारा बताए गए घटनाक्रम का तकनीकी और परिस्थितिजन्य स्तर पर मिलान किया गया।
पूछताछ में सामने आया कथित हत्या का कारण
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जेल में चोरी के मामलों को लेकर उसे लगातार ताने सुनने पड़ते थे। उसका दावा है कि जगन गुर्जर सहित कुछ अन्य बंदी उसे बार-बार अपमानित करते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी कारण उसने पहले से हत्या करने का मन बना लिया था। हालांकि पुलिस स्पष्ट कर रही है कि आरोपी के इन बयानों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा।
वारदात के तरीके को लेकर पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि घटना वाले दिन वह और जगन गुर्जर एक ही सेल में लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान उसने दवा लेने का बहाना बनाकर उठने के बाद कथित रूप से अपने गमछे का इस्तेमाल कर हमला किया। जांच में यह भी देखा गया कि घटना के दौरान किसी संघर्ष के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए जाने का दावा किए गए गमछे को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है।
अन्य बंदियों से भी होगी पूछताछ
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस घटना में किसी अन्य बंदी की कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस को किसी साजिश या अन्य कैदी की संलिप्तता के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसके बावजूद वारदात के समय उसी ब्लॉक में मौजूद अन्य बंदियों से पूछताछ के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी गई है। अदालत की स्वीकृति मिलने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में, जांच जारी
प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया और उसे अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। सुरक्षा कारणों को देखते हुए उसे पुनः हाई सिक्योरिटी जेल में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट, अन्य बंदियों के बयान और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।