‘मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया’: CM स्वागत वाले बयान पर अशोक गहलोत का पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने उस बयान पर सफाई दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि यमुना का पानी नीमकाथाना पहुंचने पर वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्वागत करेंगे। गहलोत ने आरोप लगाया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने यमुना जल समझौते, जेल हत्या मामले और पेपर लीक विवाद पर भी सरकार को घेरा।
बयान को लेकर मचा सियासी विवाद
अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने नीमकाथाना में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही थी कि यदि यमुना का पानी वहां तक पहुंचेगा तो वह मुख्यमंत्री का स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह बयान किसी व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं था, बल्कि विकास और जल परियोजना से जुड़ा हुआ था। गहलोत का आरोप है कि उनके शब्दों को राजनीतिक रूप से तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया।
यमुना जल समझौते पर फिर उठाए सवाल
पूर्व सीएम ने 1994 के यमुना जल समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि दशकों बीत जाने के बावजूद इसका पूरा लाभ राजस्थान को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर अलग-अलग सरकारें रहीं, लेकिन पानी की समस्या जस की तस बनी रही। गहलोत के अनुसार, अगर यह परियोजना पूरी तरह लागू होती है तो शेखावाटी सहित कई इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी।
जेल हत्या और सुरक्षा व्यवस्था पर निशाना
गहलोत ने हाल ही में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या की घटना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जेल जैसी सुरक्षित जगह पर हत्या होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने यह भी पूछा कि जेल के अंदर मोबाइल और हथियार कैसे पहुंच जाते हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
पेपर लीक मामले में सरकार पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने पेपर लीक मामलों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के खिलाफ एक साजिश रची गई थी, लेकिन अब सच सामने आ रहा है। गहलोत ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और सरकार को पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।