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जगन गुर्जर हत्याकांड: सीबीआई जांच की मांग पर परिजनों का धरना, बेटे के बयान से बढ़ी चर्चा

अजमेर जेएलएन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे जगन गुर्जर के परिजन

अजमेर की घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को परिजन अजमेर के जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए और मामले की सीबीआई जांच सहित कई मांगें रखीं। इस दौरान जगन के बेटे आसाराम का एक बयान भी सामने आया, जिसकी चर्चा तेज हो गई। वहीं, अस्पताल परिसर में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सीबीआई जांच और सुरक्षा समेत कई मांगों पर अड़े परिजन

जगन गुर्जर के परिजनों ने हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने जगन के भाई पप्पू गुर्जर को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने, मामले से जुड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं होने देंगे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन धरना जारी रहा।

बेटे के बयान ने खींचा ध्यान

धरने के दौरान जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं जगन गुर्जर का खून हूं, घर में घुसकर मारना भी जानता हूं और जेल में भी मारना जानता हूं।” यह बयान सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

आसाराम ने आरोप लगाया कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में उसके पिता को लगातार परेशान किया जा रहा था। उसका दावा है कि इस संबंध में पहले भी गृह राज्य मंत्री को एक शिकायत पत्र दिया गया था। परिजनों का यह भी कहना है कि जगन की हत्या के बाद उसके भाई पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

जेल में कैसे हुई हत्या?

जानकारी के अनुसार सोमवार को अजमेर की घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर मृत पाए गए। जेल प्रशासन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में साथी बंदी विष्णु ने गमछे से गला घोंटकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। दोनों पिछले लगभग तीन महीने से एक ही बैरक में बंद थे। जेल अधिकारियों के अनुसार सुबह दोनों सीसीटीवी फुटेज में बैरक की सफाई और बाद में लूडो खेलते दिखाई दिए थे। दोपहर में बैरक खोले जाने पर जगन अचेत मिले, जिसके बाद उन्हें मृत घोषित किया गया। मामले की जांच जारी है।

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