अलवर की दो प्रमुख सड़कों का होगा कायाकल्प, ₹101 करोड़ से सुधरेगा सफर
अलवर, बहरोड़, खैरथल और कोटपूतली के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (RSRDC) ने करीब ₹101 करोड़ की लागत से दो प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होने की उम्मीद है, साथ ही खराब सड़कों के कारण होने वाली परेशानियों और हादसों में भी कमी आएगी।
अलवर से हरियाणा बॉर्डर तक सड़क होगी बेहतर
अलवर, सोडावास और बहरोड़ होते हुए हरियाणा के नारनौल बॉर्डर तक जाने वाली करीब 50 किलोमीटर लंबी सड़क लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर गड्ढों और खराब सतह के कारण यात्रियों को घंटों जाम और धीमी रफ्तार का सामना करना पड़ता है। अब इस मार्ग के सुधार के लिए लगभग ₹53 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य कराया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है, जिससे लोगों का सफर पहले की तुलना में काफी आसान और सुरक्षित होगा।
खैरथल-कोटपूतली मार्ग पर भी होगा बड़ा सुधार
खैरथल, किशनगढ़बास और बानसूर को कोटपूतली से जोड़ने वाली लगभग 62 किलोमीटर लंबी सड़क का भी पुनर्निर्माण किया जाएगा। यह मार्ग खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब करीब ₹48 करोड़ की लागत से इस मार्ग को मजबूत और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलेगी।
फिलहाल फोरलेन परियोजना को नहीं मिली मंजूरी
सरकार ने पहले अलवर-बहरोड़ मार्ग को फोरलेन में विकसित करने की योजना बनाई थी, जिसके लिए लगभग ₹482 करोड़ की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई थी। हालांकि, अधिक लागत के कारण इस प्रस्ताव को फिलहाल मंजूरी नहीं मिल सकी। ऐसे में अभी सड़क के पुनर्निर्माण और मरम्मत का कार्य ही किया जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा सुधार कार्य से भी यातायात व्यवस्था में काफी सुधार आएगा और लोगों को राहत मिलेगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इन दोनों सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से अलवर, बहरोड़, खैरथल, किशनगढ़बास और कोटपूतली के बीच आवागमन पहले से अधिक आसान होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, परिवहन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों का समय बचेगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।