कोटा में करंट से दो मासूम बच्चों की मौत, छत पर पानी भरते समय लगा झटका; केईडीएल पर कार्रवाई की मांग
कोटा शहर के किशोरपुरा थाना क्षेत्र के साजिदहेड़ा इलाके में रविवार शाम एक बेहद दुखद घटना घटी, जब बिजली के करंट लगने से दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों बच्चे निर्माणाधीन मकान की आरसीसी (RCC) छत पर पानी भर रहे थे। परिजनों ने निजी बिजली वितरण कंपनी (केईडीएल) की लापरवाही को इस हादसे का मुख्य कारण बताया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे का विवरण: छत पर पानी भरते समय लगा घातक झटका मृतक बच्चों के पिता शब्बीर ने बताया कि उनके घर की नई डाली गई छत की क्यारियों में पानी भरा जा रहा था। इस दौरान उनका बेटा आदिल और भांजा समीर छत पर मौजूद थे। पानी निकालने के लिए जो मोटर चलाई जा रही थी, वह लोहे की जाली से बंधी हुई थी। दुर्भाग्यवश, उसी स्थान के पास से निजी बिजली कंपनी केईडीएल की बिजली लाइन गुजर रही थी। माना जा रहा है कि किसी तकनीकी खराबी या संपर्क के कारण लोहे की जाली में करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आकर दोनों बच्चे गंभी रूप से झुलस गए और बेहोश हो गए।
अस्पताल में दम तोड़ा: घर में मचा कोहराम घटना के तुरंत बाद परिजनों ने दोनों बच्चों को गंभीर हालत में कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के दो सदस्यों, विशेष रूप से दो बच्चों की एक साथ मौत की खबर ने पूरे इलाके में सन्ननाटा छा दिया। घर में मातम पसर गया और परिजन रो-रोकर अपना दुख व्यक्त करते रहे। यह दृश्य देखने वाले हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं, क्योंकि कुछ ही देर पहले तक खेलते-कूदते बच्चे अब हमेशा के लिए चले गए थे।
आरोप: केईडीएल की लापरवाही जिम्मेदार परिजनों ने सीधे तौर पर निजी बिजली वितरण कंपनी केईडीएल (Kota Electricity Distribution Limited) पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में बिजली की तारों को सुरक्षित ढंग से नहीं बिछाया गया था और मोटर के पास लोहे की जाली होने के बावजूद कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। परिजनों का मानना है कि यदि कंपनी द्वारा नियमों का पालन किया जाता और तारों को ऊंचाई से या इंसुलेटेड तरीके से बिछाया जाता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
पुलिस जांच और कार्रवाई की मांग इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, किशोरपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।