होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर हमला, तीन दिन में दूसरी घटना से बढ़ा तनाव; जिम्मेदार कौन?
दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर तनाव के केंद्र में आ गया है। शनिवार को यहां से गुजर रहे एक टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि सभी चालक दल सुरक्षित हैं। तीन दिनों के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना है, जिसने मध्य-पूर्व में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और मामले की जांच जारी है।
होर्मुज से गुजर रहे टैंकर पर रहस्यमयी हमला
शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक टैंकर को अज्ञात वस्तु ने निशाना बनाया। हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, जहां से कप्तान और चालक दल जहाज का संचालन करते हैं। घटना के बाद जहाज पर मौजूद सभी क्रू सदस्य सुरक्षित पाए गए और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। शुरुआती जानकारी के अनुसार पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं जरूर पैदा कर दी हैं।
UKMTO ने जारी की चेतावनी, जांच शुरू
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज के कप्तान ने किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल के टकराने की सूचना दी थी। एजेंसी ने क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी देने की सलाह दी है। फिलहाल विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि हमला किस माध्यम से किया गया और इसके पीछे कौन जिम्मेदार हो सकता है।
तीन दिन में दूसरी घटना से बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता
यह घटना 25 जून को एक कार्गो जहाज पर हुए हमले के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। लगातार दूसरी बार वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाए जाने से यह आशंका गहरा गई है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात पर खतरा बढ़ सकता है। दुनिया के तेल और गैस कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर डाल सकती हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी अटकलें
टैंकर पर हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के मिसाइल, ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार ठिकानों पर कार्रवाई करने का दावा किया था। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कदम एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में उठाया गया। वहीं ईरान ने भी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, मौजूदा टैंकर हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी ने स्वीकार नहीं की है।
वैश्विक व्यापार के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में गिना जाता है, जहां से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है। इस मार्ग में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, शिपिंग उद्योग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती हैं तो समुद्री बीमा, माल ढुलाई लागत और तेल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।