MSME दिवस पर सरकार का कांग्रेस पर हमला, सीएम बोले- लघु उद्योगों की अनदेखी अब नहीं होगी
राजस्थान में पहली बार अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस को राज्य स्तर पर आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं कीं। कार्यक्रम के दौरान 13 करोड़ रुपये से अधिक के डमी चेक और औद्योगिक भूखंडों के आवंटन पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लघु उद्योगों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता देने का दावा किया।
MSME दिवस पर पहली बार राज्य स्तरीय आयोजन
जयपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस कार्यक्रम में प्रदेशभर के उद्यमियों, स्टार्टअप संचालकों, कारीगरों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 13 करोड़ रुपये से अधिक के डमी चेक, औद्योगिक भूमि आवंटन पत्र और विभिन्न योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे। सरकार ने इसे उद्योग, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
कांग्रेस पर सीएम का तीखा हमला
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद लघु और मध्यम उद्योगों को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने विकास की बजाय तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार उद्योगों के लिए पारदर्शी और सरल व्यवस्था लागू कर रही है तथा योजनाओं को केवल घोषणा तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य रोजगार और निवेश दोनों को मजबूत करना है।
राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 33 लाख से अधिक MSME इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिससे राजस्थान देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण सुविधा उपलब्ध करा रही है। साथ ही उद्योगों के लिए स्वीकृति की समय सीमा 120 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य नए उद्योगों की स्थापना को सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है ताकि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।
नई औद्योगिक नीतियों और निवेश पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डेटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दे रही है। डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025 के तहत पिछले एक वर्ष में 1600 से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से राजस्थान उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
उद्योग मंत्री बोले- हर जिले को मिलेगी औद्योगिक पहचान
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि MSME केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मजबूत शक्ति भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ‘राइजिंग राजस्थान’ अभियान और नई औद्योगिक नीतियों के जरिए निवेश आकर्षित कर रही है। राठौड़ ने दावा किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां उद्योगों का विस्तार आसान हो और रोजगार के अवसर स्वतः बढ़ें। उन्होंने कहा कि बाड़मेर, भीलवाड़ा, कोटा, भिवाड़ी-नीमराना सहित प्रदेश के प्रत्येक जिले को उसकी क्षमता के अनुसार औद्योगिक पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।