IND vs IRE: टोंक के जय मूंदड़ा बने टीम इंडिया की हार के हीरो, आयरलैंड को दिलाई ऐतिहासिक जीत
भारत और आयरलैंड के बीच बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में राजस्थान के टोंक से ताल्लुक रखने वाले तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का यादगार आगाज किया। आयरलैंड की ओर से डेब्यू करते हुए उन्होंने शुरुआती झटकों से भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और मेजबान टीम को भारत के खिलाफ पहली टी20 जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पढ़ाई के लिए आयरलैंड गए जय का यह सफर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंच चुका है।
डेब्यू मैच में ही भारत को दिए दो बड़े झटके
आयरलैंड के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहे जय मूंदड़ा ने अपनी पहली ही गेंद पर भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन का विकेट लेकर शानदार शुरुआत की। इसके बाद जब शिवम दुबे भारत की पारी को संभालने की कोशिश कर रहे थे, तब जय ने उन्हें भी आउट कर मैच का रुख पूरी तरह आयरलैंड की ओर मोड़ दिया। चार ओवर के अपने स्पेल में उन्होंने 25 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट लिए। उनकी अनुशासित गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और आयरलैंड को ऐतिहासिक जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
जसप्रीत बुमराह से मिली सीख का किया जिक्र
मैच के बाद जय मूंदड़ा ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब भारतीय टीम पिछले दौरे पर आयरलैंड आई थी, तब उन्हें नेट्स में बुमराह के सामने गेंदबाजी करने का मौका मिला था। उस दौरान हुई बातचीत और मिली सलाह ने उनकी गेंदबाजी को बेहतर बनाने में काफी मदद की। जय ने कहा कि भविष्य में भी यदि अवसर मिला तो वह बुमराह से सीखने की कोशिश करेंगे, क्योंकि उनके अनुभव से युवा गेंदबाजों को काफी लाभ मिलता है।
टोंक से आयरलैंड तक का प्रेरणादायक सफर
जय मूंदड़ा मूल रूप से राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले हैं और शुरुआती दौर में राजस्थान की अंडर-14 टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। उच्च शिक्षा के लिए वह स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए, जहां उन्होंने एम.टेक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के बाद उन्हें इंटेल कंपनी में नौकरी मिली, लेकिन उन्होंने क्रिकेट से अपना रिश्ता नहीं छोड़ा। नौकरी के साथ क्लब क्रिकेट खेलते हुए उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और 2023 में अपनी टीम को आयरलैंड सीनियर कप का खिताब दिलाने में अहम योगदान दिया।
नागरिकता मिलने के बाद खुला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रास्ता
लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद जय मूंदड़ा को 2025 में आयरलैंड की नागरिकता मिली। इसके बाद राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का उनका सपना पूरा हुआ। चयनकर्ताओं ने उनकी तेज गेंदबाजी और निरंतर प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया। डेब्यू मुकाबले में ही भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर जय ने साबित कर दिया कि मेहनत और धैर्य से हासिल किया गया अवसर कितना बड़ा बदलाव ला सकता है।
राजस्थान से निकले दो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर
जय मूंदड़ा के परिवार का क्रिकेट से जुड़ाव भी दिलचस्प है। उनके चचेरे भाई अजय मूंदड़ा स्वीडन की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं जय अब आयरलैंड की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। राजस्थान के टोंक जैसे शहर से निकलकर दो अलग-अलग देशों की राष्ट्रीय टीमों तक पहुंचना इस परिवार की क्रिकेट के प्रति प्रतिबद्धता और प्रतिभा को दर्शाता है। जय का सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो शिक्षा और खेल दोनों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।