महाराष्ट्र में बाल विवाह रोकने की तैयारी, शादी के कार्ड पर जन्मतिथि अनिवार्य करने पर विचार
महाराष्ट्र सरकार बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए नया कदम उठाने की तैयारी में है। प्रस्ताव के तहत शादी के निमंत्रण कार्ड पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि छापना अनिवार्य किया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इसकी जानकारी दी है।
बाल विवाह रोकने के लिए सरकार का नया प्रस्ताव
महाराष्ट्र सरकार राज्य में बाल विवाह की घटनाओं को रोकने के लिए एक नया और सख्त नियम लागू करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव के अनुसार शादी के निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि का उल्लेख अनिवार्य किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे विवाह से पहले दोनों की आयु की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी और नाबालिग विवाह की संभावना को कम किया जा सकेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल
राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने जानकारी दी कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर नए उपाय अपनाने की जरूरत है। जन्मतिथि अनिवार्य करने से निगरानी तंत्र और मजबूत होगा और गलत उम्र बताकर किए जाने वाले विवाहों पर अंकुश लगेगा।
शादी से पहले उम्र की होगी स्पष्ट जांच
प्रस्ताव लागू होने के बाद शादी से पहले ही दूल्हा-दुल्हन की उम्र सार्वजनिक रूप से दर्ज होगी, जिससे संबंधित अधिकारियों और समाज दोनों को जानकारी मिल सकेगी। इससे कानून के उल्लंघन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना आसान होगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिस्थिति में नाबालिगों का विवाह न हो सके।
सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
सरकार इस कदम के साथ-साथ समाज में जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बना रही है। अधिकारियों का मानना है कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव भी जरूरी है। इसलिए स्कूलों, पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों पर जागरूकता फैलाने पर जोर दिया जाएगा।
फिलहाल प्रस्ताव विचाराधीन
फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। सरकार विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों से राय लेकर आगे का निर्णय लेगी। यदि इसे लागू किया जाता है, तो यह देश में बाल विवाह रोकथाम की दिशा में एक अनोखा कदम माना जाएगा।