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BRICS 2026: आतंकवाद और ग्लोबल साउथ पर PM मोदी का स्पष्ट संदेश, सदस्य देशों से एकजुटता का आह्वान

ब्रिक्स 2026 की तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर भारत का स्पष्ट रुख सामने रखा। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान भारत ने रखीं अपनी प्राथमिकताएं

ब्रिक्स की मौजूदा अध्यक्षता भारत के पास है और इसी क्रम में नई दिल्ली में सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक आयोजित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिनिधियों से मुलाकात करते हुए कहा कि भारत की अगुवाई ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर मजबूती से आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में विकासशील देशों की चिंताओं और आवश्यकताओं को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।

आतंकवाद और साइबर सुरक्षा को बताया साझा चुनौती

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि आतंकवाद, साइबर अपराध और नई तकनीकों के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने सदस्य देशों से इन खतरों के खिलाफ साझा रणनीति अपनाने और आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। भारत का मानना है कि ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं।

नई दिल्ली में दो दिनों तक चला रणनीतिक मंथन

22 और 23 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य आपूर्ति, सप्लाई चेन में व्यवधान, पर्यावरणीय चुनौतियों और आतंकवादी नेटवर्क द्वारा नई तकनीकों के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने इन मुद्दों पर अनुभव साझा किए और भविष्य में समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर सहमति जताई।

अजीत डोभाल ने की बैठक की अगुवाई

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न महाद्वीपों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास विविध अनुभव और क्षमताएं हैं, जिनका उपयोग साझा चुनौतियों के समाधान के लिए किया जा सकता है। उन्होंने सदस्य देशों के बीच विश्वास, सहयोग और सामूहिक रणनीति को भविष्य की जरूरत बताया।

भारत की अध्यक्षता को मिला सदस्य देशों का समर्थन

बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने वर्ष 2026 के लिए भारत की अध्यक्षता का समर्थन व्यक्त किया। सभी सदस्य देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बहुपक्षीय सहयोग और साझा दृष्टिकोण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। भारत ने भी अपने नेतृत्व के दौरान समावेशी विकास और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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