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जयपुर में नई इलेक्ट्रिक बस बीच रास्ते बंद, गेट लॉक होने से यात्रियों में अफरा-तफरी

जयपुर में हाल ही में शुरू हुई नई इलेक्ट्रिक बस सेवा के तहत चल रही एक बस सोमवार सुबह टोंक रोड पर अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में रुक गई। इस दौरान बस के गेट ऑटो-लॉक हो गए और अंदर सवार करीब 25 से 30 यात्री कुछ समय के लिए फंस गए। अचानक सायरन बजने से यात्रियों में घबराहट फैल गई। बाद में तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर बस को री-सेट कर स्थिति सामान्य की।

बीच रास्ते बंद हुई बस, यात्रियों में मची घबराहट

घटना सुबह करीब 10:30 बजे कुंभा मार्ग के पास हुई, जब बस चलते-चलते अचानक रुक गई। इसके तुरंत बाद बस में तेज सायरन बजने लगा और दरवाजे लॉक हो गए। यात्रियों को शुरुआती तौर पर समझ नहीं आया कि क्या हुआ है, जिससे बस के अंदर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कुछ यात्रियों ने घुटन जैसी परेशानी महसूस होने की बात भी कही।

ड्राइवर ने इमरजेंसी एग्जिट से निकाला यात्रियों को

बस चालक के अनुसार, स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने इमरजेंसी सिस्टम का उपयोग किया और ड्राइवर साइड का दरवाजा खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से सड़क किनारे उतारा गया। कुछ देर तक यात्रियों को दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें आगे रवाना किया गया।

पैनिक बटन दबने से सक्रिय हुआ सिस्टम

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस में लगे पैनिक SOS (इमरजेंसी) बटन के सक्रिय होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। इलेक्ट्रिक बसों में सुरक्षा के लिए लगाए गए इस सिस्टम के सक्रिय होते ही सायरन बजने लगता है और सुरक्षा कारणों से दरवाजे ऑटोमैटिक रूप से लॉक हो जाते हैं।

तकनीकी टीम के अनुसार, बाद में सिस्टम को री-सेट कर बस को फिर से चालू किया गया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि किसी यात्री द्वारा अनजाने में पैनिक बटन दबा दिया गया होगा।

यात्रियों और चालक ने जताई परेशानी

यात्रियों ने बताया कि अचानक बस बंद होने और सायरन बजने से वे काफी घबरा गए थे। वहीं चालक का कहना है कि उन्हें ऐसी स्थिति में सिस्टम हैंडल करने की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी, जिसके कारण शुरुआती समय में दिक्कत हुई।

हाल ही में शुरू हुई है इलेक्ट्रिक बस सेवा

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत हाल ही में जयपुर सहित कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया है। जयपुर में 29 और भीलवाड़ा में 18 बसों को हाल ही में हरी झंडी दिखाई गई थी।

सरकार का दावा है कि यह पहल शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आगे का विस्तार और लक्ष्य

केंद्र और राज्य सरकार की योजना के तहत राजस्थान के कई शहरों में कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी हैं। शुरुआती चरण में 675 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारा जा रहा है।

तकनीकी खामी पर जांच की उम्मीद

घटना के बाद परिवहन विभाग और तकनीकी टीम मामले की जांच में जुट गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सिस्टम सक्रिय कैसे हुआ और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।

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