लखनऊ अग्निकांड के बाद बदले राजनीतिक कार्यक्रम: डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने रद्द किया अयोध्या दौरा
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में शोक का माहौल है। हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपना प्रस्तावित अयोध्या दौरा रद्द कर दिया है। उन्हें धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में शामिल होना था, लेकिन दुखद घटना के मद्देनजर कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
शोक के बीच रद्द हुआ अयोध्या दौरा
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का अयोध्या में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम तय था। इनमें मंदिर परिसर में आयोजित ध्वजारोहण समारोह और प्रमुख धार्मिक आयोजन भी शामिल थे। हालांकि लखनऊ में हुई दर्दनाक घटना के बाद प्रदेश में संवेदनशील माहौल को देखते हुए उनका दौरा निरस्त कर दिया गया। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस दौरान अपने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों को स्थगित करने का निर्णय लिया है।
भाजपा ने भी कई आयोजन किए स्थगित
अग्निकांड के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेशभर में प्रस्तावित अनेक कार्यक्रमों को फिलहाल टाल दिया है। जिला और मंडल स्तर पर आयोजित होने वाले कई कार्यक्रमों में बदलाव किया गया है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि हादसे में हुई जनहानि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नेताओं के दौरे और सार्वजनिक आयोजनों को भी सीमित किया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा सके।
हादसे की जांच के लिए बनी विशेष टीम
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। टीम को आग लगने के कारणों, भवन की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण संबंधी नियमों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच अधिकारी भवन से जुड़े दस्तावेजों और स्वीकृतियों की पड़ताल कर रहे हैं। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी, जिससे हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
भवन की वैधता और सुरक्षा मानकों की होगी जांच
प्रारंभिक जांच में भवन की संरचना और सुरक्षा प्रबंधों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित भवन में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, अवैध निर्माण या सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
आग लगने से मची थी अफरा-तफरी
यह हादसा लखनऊ के एक व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित बहुमंजिला भवन में हुआ था। आग लगने के बाद भवन में तेजी से धुआं फैल गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन निकास व्यवस्था की आवश्यकता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।