India Oil Reserves: होर्मुज संकट ने खोली भारत की आंखें, रूस से रिकॉर्ड तेल खरीदकर भरा भंडार, बनाया नया सुरक्षा प्लान
ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को नया मोड़ दे दिया है। अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करने वाले भारत ने अब केवल खाड़ी देशों पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक स्रोतों और बड़े रणनीतिक भंडार पर जोर बढ़ा दिया है। वैश्विक आपूर्ति बाधित होने और तेल कीमतों में उछाल के बीच भारत ने भविष्य के संकटों से बचने के लिए तेल प्रबंधन में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं।
दो महीने का कच्चा तेल पहले ही सुरक्षित
सरकारी रिफाइनरियों ने अगले करीब दो महीनों की जरूरत के लिए पर्याप्त कच्चे तेल की व्यवस्था पहले से कर ली है। इसका मतलब यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सामान्य होने के बाद भी भारत पर मध्य पूर्व से तत्काल खरीदारी का दबाव नहीं रहेगा।
रूस से रिकॉर्ड स्तर पर तेल खरीद
जून 2026 में भारत ने रूस से रिकॉर्ड मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया।
- 1 से 19 जून के बीच रूस से औसत आयात: 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन
- मई में यह आंकड़ा था: 19.1 लाख बैरल प्रतिदिन
- रूसी तेल ब्रेंट क्रूड की तुलना में 1 से 2 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिल रहा है।
इस वजह से भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी तेल की खरीद तेज कर दी है।
खाड़ी के अलावा इन देशों से भी बढ़ी खरीद
भारत ने आयात के स्रोतों में विविधता लाते हुए कई नए देशों से खरीद बढ़ाई है।
- यूएई: 6.36 लाख बैरल प्रतिदिन
- सऊदी अरब: 3.84 लाख बैरल प्रतिदिन
- वेनेजुएला: 2.09 लाख बैरल प्रतिदिन (चौथा सबसे बड़ा सप्लायर)
- अमेरिका: घटकर 91 हजार बैरल प्रतिदिन
एलएनजी के लिए भारत ने ओमान, नाइजीरिया और अमेरिका से अतिरिक्त कार्गो भी सुरक्षित किए हैं।
रणनीतिक तेल भंडार बढ़ाने की तैयारी
सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नया सामरिक पेट्रोलियम भंडार विकसित करने की योजना बनाई है।
- इस परियोजना की जिम्मेदारी ओएनजीसी को दी गई है।
- अनुमानित निवेश: करीब 15 हजार करोड़ रुपये
- स्थान: मंगलुरु, कर्नाटक
- नई क्षमता: 1.75 मिलियन मीट्रिक टन
इसके बाद भारत की मौजूदा 5.33 मिलियन मीट्रिक टन की आपातकालीन भंडारण क्षमता में लगभग एक-तिहाई की वृद्धि हो जाएगी।
वर्तमान रणनीतिक भंडार
| स्थान | क्षमता |
|---|---|
| विशाखापत्तनम | 1.33 MMT |
| मंगलुरु | 1.5 MMT |
| पाडुर | 2.5 MMT |
होर्मुज में धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। हाल ही में:
- तीन भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर
- एक भारतीय एलएनजी जहाज
सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुके हैं। इन जहाजों में 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल लदा हुआ था।
संकट से मिला बड़ा सबक
होर्मुज संकट ने भारत को यह एहसास कराया है कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए केवल एक क्षेत्र पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसी कारण अब भारत:
- तेल आयात के स्रोतों का विस्तार कर रहा है,
- रणनीतिक भंडार बढ़ा रहा है,
- और भविष्य के वैश्विक संकटों से निपटने के लिए दीर्घकालिक तैयारी में जुट गया है।