अलवर को मिली स्वच्छता की नई सौगात: दो पिंक टॉयलेट और एक सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण
अलवर शहर में महिलाओं की सुविधा और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव और वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (शहरी) के तहत दो पिंक टॉयलेट और एक सार्वजनिक शौचालय का लोकार्पण किया। इस पहल से न केवल महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को बल मिलेगा, बल्कि शहर को स्वच्छ और विकसित बनाने के प्रयासों को भी गति मिलेगी।
महिलाओं की सुविधा को प्राथमिकता
अलवर में विकसित किए गए पिंक टॉयलेट महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। कंपनी बाग और केंद्रीय कारागृह परिसर में निर्मित इन आधुनिक सुविधाओं से महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। यह पहल महिलाओं की गरिमा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी सुविधाओं की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसे अब दूर करने का प्रयास किया गया है।
स्वच्छता और विकास पर जोर
कार्यक्रम के दौरान भूपेन्द्र यादव ने कहा कि अलवर का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है। सड़क, रेल, शिक्षा और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्वच्छता को नागरिकों का नैतिक दायित्व बताते हुए शहर को साफ और सुंदर बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही अलवर को स्वच्छता के मामले में अग्रणी शहर बनाया जा सकता है।
सरकार की योजनाओं का दिख रहा असर
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के नेतृत्व में अलवर लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष 10 शहरों में स्थान बनाने का लक्ष्य रखा और इसके लिए जनभागीदारी को जरूरी बताया। नए शौचालयों के निर्माण से आमजन को भी राहत मिलेगी और शहर की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया। इस पहल के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। अतिथियों ने आमजन से अपील की कि वे अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करें, जिससे प्रकृति और पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके।
निर्माण लागत और सुविधाएं
नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं पर कुल 76.55 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। कंपनी बाग और केंद्रीय कारागृह में 42.48 लाख रुपये की लागत से 6-सीटर पिंक टॉयलेट बनाए गए हैं, जबकि शिवाजी पार्क में 34.07 लाख रुपये से 10-सीटर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ है। इन सुविधाओं से शहरवासियों को बेहतर स्वच्छता व्यवस्था का लाभ मिलेगा।