अलवर को 46 करोड़ की विकास सौगात, जल परियोजनाओं पर फोकस
अलवर जिले में जल संरक्षण और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय वन मंत्री भूपेन्द्र यादव और वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने करीब 46 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन कार्यों से क्षेत्र में जल उपलब्धता, कृषि और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नहर पक्कीकरण से जल संकट पर लगेगा विराम
नटनी के बारां से जयसमंद बांध तक नहर पक्कीकरण परियोजना का शिलान्यास 42.80 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में जल प्रबंधन में सुधार होगा और भूजल स्तर में वृद्धि देखने को मिलेगी। लंबे समय से स्थानीय लोगों की इस मांग को पूरा करते हुए सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है। नहर के पक्कीकरण से पानी का रिसाव कम होगा और अधिक क्षेत्रों तक सिंचाई सुविधा पहुंचेगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
भाखेडा एनीकट से बढ़ेगा जल संरक्षण और सिंचाई लाभ
करीब 3.34 करोड़ रुपये की लागत से बने भाखेडा एनीकट का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना के माध्यम से वर्षाजल को संरक्षित कर भूजल स्तर को रिचार्ज किया जाएगा। साथ ही आसपास के गांवों को पेयजल और कृषि के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। एनीकट बनने से वन्यजीवों को भी पेयजल मिलेगा, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह परियोजना जल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
डबल इंजन सरकार के विकास पर जोर
कार्यक्रम के दौरान भूपेन्द्र यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अलवर के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। पर्यटन, सरिस्का क्षेत्र, डेयरी विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में जल संरक्षण के लिए बांध, एनीकट और नहरों के सुधार जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आमजन को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराना है।
प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण पर बल
केंद्रीय मंत्री ने प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए किसानों से इसे अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाएगी। साथ ही जिले में 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे जनभागीदारी से पूरा किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को साथ लेकर चलने की नीति पर सरकार काम कर रही है।
सरिस्का विकास और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि सरिस्का क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में यहां बाघों की संख्या बढ़कर 56 तक पहुंच गई है, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरिस्का में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिसमें प्रवेश द्वार और जिप्सी सफारी व्यवस्था शामिल है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
अन्य जल परियोजनाएं भी प्रगति पर
उन्होंने बताया कि भूरासिद्ध, अखैपुरा और जलरखवाला जैसे एनीकट परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से वर्षाजल का संचयन बढ़ेगा और पानी की बर्बादी रुकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर बूंद पानी का बेहतर उपयोग हो और आने वाले समय में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके।