RE-NEET परीक्षा से पहले राजस्थान में हाई अलर्ट, 27 शहरों में सुरक्षा का अभेद्य घेरा
नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक मामलों के बाद शनिवार को आयोजित होने जा रही RE-NEET परीक्षा को लेकर राजस्थान में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रदेश के 27 शहरों में करीब दो लाख परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। सुरक्षा एजेंसियों, प्रशासन और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं। परीक्षा से पहले जयपुर में पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित गड़बड़ी को लेकर सतर्क नजर आ रही हैं।
27 शहरों में परीक्षा, लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा पर निगाहें
राजस्थान के विभिन्न जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर इस बार करीब दो लाख विद्यार्थी RE-NEET परीक्षा में शामिल होंगे। पिछले वर्ष सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों को देखते हुए परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। इसी कारण राज्य सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा केंद्रों की निगरानी से लेकर प्रश्नपत्र वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संचालित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और निगरानी के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त की जा सके।
5G जैमर्स और डिजिटल निगरानी से नकल पर सख्त रोक
परीक्षा केंद्रों पर पहली बार अत्याधुनिक 5G नेटवर्क जैमर्स लगाए गए हैं। इन उपकरणों के सक्रिय होने के बाद परीक्षा केंद्र और उसके आसपास मोबाइल नेटवर्क, ब्लूटूथ या अन्य वायरलेस संचार माध्यम प्रभावी रूप से निष्क्रिय रहेंगे। इसका उद्देश्य तकनीकी माध्यमों से नकल या प्रश्नपत्र साझा करने जैसी गतिविधियों को रोकना है। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन तकनीकी उपायों से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
इस बार परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा केवल स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रखी गई है। पहली बार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को भी परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया है। प्रत्येक केंद्र के बाहर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी जांच की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों को भी सक्रिय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करना भी है।
वायुसेना के माध्यम से पहुंचे प्रश्नपत्र, स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी निगरानी
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के माध्यम से राजस्थान पहुंचाया गया। इसके बाद प्रश्नपत्रों को निर्धारित बैंकों के सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। इन स्थानों पर चौबीस घंटे सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। परीक्षा के दिन तय समय पर ही प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को गोपनीय बनाए रखने के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।
जयपुर में पांच संदिग्ध हिरासत में, खुफिया एजेंसियां अलर्ट
परीक्षा से पहले खुफिया एजेंसियों और पुलिस ने कई संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी हुई है। इसी क्रम में जयपुर के पूर्वी क्षेत्र से पांच संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों की निगरानी भी कर रही हैं ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा के दौरान और उसके बाद भी निगरानी जारी रहेगी।
अभ्यर्थियों के लिए विशेष निर्देश जारी
परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य होगा और गहने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बेल्ट या अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी अफवाह से बचें।