समंदर में तेल की हलचल तेज, 40 सुपरटैंकर होर्मुज से गुजरने को तैयार
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास एक बार फिर वैश्विक तेल बाजार की नजरें टिक गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 8 करोड़ बैरल कच्चे तेल से लदे दर्जनों सुपरटैंकर फारस की खाड़ी में तैयार खड़े हैं और व्यापारिक संकेत मिलते ही अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं। इस गतिविधि को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम माना जा रहा है।
फारस की खाड़ी में खड़े हैं करोड़ों बैरल तेल से लदे जहाज
रिपोर्ट्स के मुताबिक फारस की खाड़ी में लगभग 40 बहुत बड़े क्रूड कैरियर (VLCC) जहाज मौजूद हैं, जिन पर करीब 8 करोड़ बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है। यह तेल ईरान को छोड़कर खाड़ी क्षेत्र के अन्य उत्पादक देशों का बताया जा रहा है। अगर छोटे टैंकरों को भी शामिल किया जाए तो कुल उपलब्ध तेल की मात्रा और अधिक हो सकती है। पिछले वर्ष इसी क्षेत्र से एशियाई देशों को प्रतिदिन करीब 1.5 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति की गई थी, जिससे इस मार्ग का महत्व और भी बढ़ जाता है।
तेल और शिपिंग बाजार की नजरें होर्मुज पर टिकीं
अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद तेल बाजार और शिपिंग कंपनियां होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बड़े टैंकर एशियाई देशों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनमें कुछ जहाज चीन तथा अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई ट्रांसफर हब की दिशा में जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग पर सामान्य गतिविधियां बहाल होने से वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को राहत मिल सकती है।
सुरक्षा को लेकर अब भी बरकरार है अनिश्चितता
हालांकि जहाजों की आवाजाही में सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन सुरक्षा संबंधी चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। समुद्री व्यापार से जुड़े संगठनों का कहना है कि क्षेत्र में भू-राजनीतिक जोखिम अब भी मौजूद हैं और शिपिंग कंपनियों को सतर्क रहने की जरूरत है। हाल के दिनों में ओमान की खाड़ी में कुछ सऊदी सुपरटैंकरों की वापसी को सामान्य गतिविधियों की बहाली का संकेत माना गया है, लेकिन बाजार अभी भी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
ADNOC ने खरीदारों को फिर शुरू करने को कहा लोडिंग
संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी कंपनी ADNOC ने अपने ग्राहकों को फारस की खाड़ी स्थित दास और जिरकू द्वीपों के बंदरगाहों से तेल लोडिंग दोबारा शुरू करने का निर्देश दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्गो नहीं उठाने की स्थिति में इसे अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर कंपनी अपने जहाजों या सहयोगी कंपनियों के माध्यम से परिवहन सहायता भी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है सीधा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य होने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और सप्लाई चेन पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां होने वाली हर गतिविधि पर वैश्विक निवेशकों और तेल कारोबारियों की नजर बनी रहती है।