भारत-बांग्लादेश सीमा पर आधी रात को बढ़ा तनाव, BGB ने BSF पर लगाया बड़ा आरोप
भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर अवैध घुसपैठ और कथित “पुश-इन” को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसी BGB ने दावा किया है कि उसने मेहरपुर सेक्टर में BSF की ओर से चार लोगों को बांग्लादेश में भेजने की कोशिश को विफल कर दिया। हालांकि भारत पहले भी ऐसे आरोपों से इनकार करता रहा है।
मेहरपुर सेक्टर में कथित पुश-इन की कोशिश का दावा
भारत-बांग्लादेश सीमा पर गुरुवार देर रात तनाव की स्थिति बन गई। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने आरोप लगाया कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) चार लोगों को मेहरपुर जिले के खालपारा इलाके से बांग्लादेश की सीमा में प्रवेश कराने की कोशिश कर रही थी। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BGB ने समय रहते स्थिति को भांप लिया और कड़ी निगरानी के चलते कथित प्रयास को विफल कर दिया। इस घटना के बाद दोनों देशों की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
BGB अधिकारियों ने क्या कहा?
बांग्लादेश के चुडांगा बटालियन-6 के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल मोहम्मद नजमुल हसन ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि तड़के चार लोगों को सीमा पार कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन BGB जवानों की मुस्तैदी के कारण ऐसा नहीं हो सका। अधिकारियों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। BGB ने यह भी कहा कि सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में जवान लगातार गश्त कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की सूचना के बाद बढ़ी चौकसी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने भारतीय सीमा की ओर जीरो लाइन के पास कुछ लोगों की गतिविधियां देखीं और इसकी जानकारी तुरंत BGB को दी। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल के जवान सक्रिय हो गए और संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से किसी भी संभावित अवैध प्रवेश को रोका जा सका। इस घटना के बाद सीमा के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
नो-मैन्स लैंड में फंसे चार लोग
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, एक पुरुष और तीन महिलाओं का समूह अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 15 और 16 के बीच स्थित नो-मैन्स लैंड क्षेत्र में रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि यह इलाका दोनों देशों के बीच का संवेदनशील क्षेत्र है, जहां किसी भी प्रकार की गतिविधि पर करीबी नजर रखी जाती है। BGB जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी आसपास मौजूद हैं ताकि किसी भी नई स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद
भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवासियों की वापसी और पहचान का मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। बांग्लादेश समय-समय पर कथित “पुश-इन” की घटनाओं का मुद्दा उठाता रहा है, जबकि भारत इन आरोपों को खारिज करता है। भारतीय पक्ष का कहना है कि बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनकी नागरिकता की पुष्टि में देरी होने के कारण प्रत्यावर्तन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच हालिया बैठकों में भी चर्चा हुई थी।