STVNEWS RAJASTHANअलवर से पूरे राजस्थान तकमंगलवार, 3 नवंबर 2026LIVE TVEnglishEN

चीन-बांग्लादेश के बीच J-10CE फाइटर जेट सौदे की चर्चा, क्षेत्रीय रणनीति पर बढ़ी नजर

भारत के पड़ोसी बांग्लादेश और चीन के बीच संभावित रक्षा सहयोग को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश चीन से J-10CE मल्टीरोल लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर रहा है। यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो इसे दक्षिण एशिया में बदलते सामरिक समीकरणों और क्षेत्रीय सुरक्षा के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन से आधुनिक लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर रहा बांग्लादेश

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश चीन से लगभग 20 J-10CE मल्टीरोल फाइटर जेट खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है। हालांकि दोनों देशों की ओर से अभी तक इस सौदे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि बातचीत उन्नत चरण में पहुंच चुकी है। इस संभावित खरीद को बांग्लादेश की वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संभावित रक्षा पैकेज में ट्रेनिंग और तकनीकी सहयोग भी शामिल

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित रक्षा पैकेज में केवल लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक सपोर्ट, रखरखाव और दीर्घकालिक तकनीकी सहायता भी शामिल हो सकती है। अनुमान है कि इस सौदे का आकार अरबों डॉलर का हो सकता है। यदि यह समझौता लागू होता है, तो बांग्लादेश की हवाई क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

बांग्लादेश की सुरक्षा नीति में बदलाव के संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में बांग्लादेश अपने रक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने और विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की नीति पर काम कर रहा है। चीन पहले से ही बांग्लादेश का प्रमुख रक्षा आपूर्तिकर्ता रहा है और दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। ऐसे में यह संभावित सौदा दोनों देशों के संबंधों को और गहरा कर सकता है।

J-10CE को माना जाता है उन्नत 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान

J-10CE चीन का आधुनिक मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसे उन्नत रडार प्रणाली, लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता और नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली से लैस माना जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह विमान हवाई अभियानों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए डिजाइन किया गया है और कई आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है।

क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर पड़ सकता है असर

भारत सहित दक्षिण एशिया के कई देश इस संभावित रक्षा सौदे पर नजर बनाए हुए हैं। सामरिक विश्लेषकों का मानना है कि पड़ोसी देशों की सैन्य क्षमताओं में बदलाव क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि किसी भी संभावित प्रभाव का आकलन भविष्य में सौदे के अंतिम स्वरूप और उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

पूर्वोत्तर क्षेत्र और सामरिक महत्व पर विशेषज्ञों की नजर

बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए रक्षा मामलों के जानकार इस संभावित सौदे को व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ में देख रहे हैं। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ा सिलीगुड़ी कॉरिडोर रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कारण क्षेत्र में होने वाले सैन्य और कूटनीतिक बदलावों पर विभिन्न देशों की नजर बनी हुई है।

इस खबर को शेयर करें

इस खबर में कोई गलती दिखी? हमें बताएं

Google पर STV की खबरें ज़्यादा देखें

STV को अपना पसंदीदा स्रोत चुनें।