Iran-US MoU: 60 दिन तक फ्री रहेगा होर्मुज, ईरान को मिलेगा 300 अरब डॉलर का पैकेज
अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद पश्चिम एशिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने 14 बिंदुओं वाले MoU को सार्वजनिक करते हुए साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर मुफ्त आवाजाही केवल 60 दिनों तक रहेगी, जबकि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर किसी भी तरह की बातचीत समझौते का हिस्सा नहीं होगी। साथ ही ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज का भी उल्लेख किया गया है।
पेजेश्कियान ने जारी किया 14 बिंदुओं वाला समझौता
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का पूरा दस्तावेज सार्वजनिक किया है। उन्होंने इसे “ताकतवर ईरान का संदेश” बताते हुए कहा कि स्थायी शांति केवल आपसी सम्मान और समानता के आधार पर ही संभव है। इस 14 सूत्रीय समझौते को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और भविष्य की व्यापक वार्ता की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।
60 दिनों तक बिना शुल्क के खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य
समझौते के अनुसार, हस्ताक्षर के बाद अगले 60 दिनों तक ईरान व्यावसायिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और बिना किसी शुल्क के गुजरने की अनुमति देगा। हालांकि तेहरान ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अस्थायी होगी। दो महीने बाद समुद्री सेवाओं और संभावित शुल्क प्रणाली को लेकर ओमान और अन्य खाड़ी देशों के साथ मिलकर नया ढांचा तैयार किया जा सकता है।
ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर नहीं होगी कोई चर्चा
दस्तावेज में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य की वार्ताओं में ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम शामिल नहीं होगा। तेहरान ने इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा विषय बताते हुए इस पर किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार कर दिया है। वहीं परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का प्रावधान
समझौते के तहत अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगी ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण और विकास के लिए 300 अरब डॉलर तक के पैकेज पर काम करेंगे। अंतिम वित्तीय ढांचा भविष्य की व्यापक वार्ता में तय किया जाएगा। इसके अलावा ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने का भी प्रस्ताव शामिल है।
प्रतिबंधों में ढील और तेल निर्यात को मिलेगी राहत
MoU के तहत अमेरिका ईरान पर लगाए गए कई आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाने पर सहमत हुआ है। इसके साथ ही ईरानी कच्चे तेल के निर्यात, बैंकिंग, बीमा और परिवहन सेवाओं को भी विशेष छूट देने की बात कही गई है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को राहत मिलने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों की समयसीमा
दोनों देशों के पास व्यापक और स्थायी समझौते के लिए 60 दिनों की वार्ता अवधि होगी, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया भी जा सकता है। इस दौरान ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति बनाए रखेगा, जबकि अमेरिका नए प्रतिबंध लगाने या अतिरिक्त सैन्य तैनाती से परहेज करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो महीने इस समझौते की सफलता के लिए बेहद अहम साबित होंगे।