अलवर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, दंपती पर मामला दर्ज
अलवर में सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर कई अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूली, लेकिन न तो किसी को नौकरी दिलवाई और न ही पैसे वापस लौटाए। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरकारी विभागों में नौकरी का दिया था झांसा
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, ग्राम सेवक, अध्यापक, आयकर विभाग और दिल्ली पुलिस सहित विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती कराने का भरोसा दिलाया था। सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले कई युवाओं ने उनकी बातों पर विश्वास कर लाखों रुपये जमा करा दिए।
रकम लेने के बाद नहीं दिलाई नौकरी
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर रकम तो ले ली, लेकिन बाद में किसी भी अभ्यर्थी की नियुक्ति नहीं करवाई। जब नौकरी नहीं लगी तो युवाओं ने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन उन्हें लगातार टालमटोल किया जाता रहा। इससे परेशान होकर पीड़ितों ने पुलिस का सहारा लिया।
दंपती के खिलाफ मामला दर्ज
नयाबास निवासी महेशचंद शर्मा की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने योगेश पारीक और उसकी पत्नी बिंदिया पारीक के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपों की जांच कर रही है और संबंधित दस्तावेजों व लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
वर्षों से चल रहा था कथित खेल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि योगेश पारीक और बिंदिया पारीक लंबे समय से लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर रकम वसूल रहे थे। कई लोगों ने उनके झांसे में आकर बड़ी धनराशि दी। अब मामला सामने आने के बाद अन्य पीड़ितों के भी आगे आने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी
कोतवाली थाना पुलिस का कहना है कि दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। लेनदेन से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।