Investment Plan: पैसा निकालने की सही रणनीति क्यों है जरूरी? एक गलती से हो सकता है बड़ा नुकसान
निवेश की शुरुआत जितनी महत्वपूर्ण होती है, उतना ही जरूरी उससे बाहर निकलने का सही समय और तरीका तय करना भी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर निवेशक निवेश तो कर लेते हैं, लेकिन एग्जिट प्लानिंग नहीं होने के कारण बाजार में गिरावट के समय घबराकर गलत फैसले ले बैठते हैं। सही रणनीति अपनाकर ही लंबे समय की मेहनत से जुटाई गई पूंजी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
निवेश जितना जरूरी, उतनी ही अहम है एग्जिट प्लानिंग
अधिकांश लोग निवेश करते समय केवल पैसा बढ़ाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार निवेश की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि उस रकम को कब और कैसे निकाला जाए। बच्चों की शिक्षा, घर खरीदने या रिटायरमेंट जैसे बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समय पर और योजनाबद्ध तरीके से निवेश से बाहर निकलना बेहद जरूरी होता है। यदि एग्जिट प्लानिंग नहीं की जाए, तो बाजार में अचानक आई गिरावट आपकी वर्षों की मेहनत को प्रभावित कर सकती है।
पैसा निकालने के लिए अलग सोच की जरूरत
निवेश के दौरान धैर्य और अनुशासन सबसे अहम होते हैं, लेकिन जब पैसा निकालने का समय आता है तो रणनीति और समझदारी की जरूरत पड़ती है। निवेशकों को पहले से तय करना चाहिए कि किस समय इक्विटी में निवेश कम करना है, कितनी रकम निकालनी है और क्या एकमुश्त निकासी की बजाय चरणबद्ध तरीके से पैसा निकालना बेहतर रहेगा। सही योजना निवेशक को अनावश्यक जोखिम से बचाने में मदद करती है।
सही रणनीति लक्ष्य हासिल करने में करती है मदद
मान लीजिए दो लोगों ने समान अवधि तक निवेश करके एक जैसी रकम जमा की। पहला निवेशक अपने लक्ष्य के करीब पहुंचते ही धीरे-धीरे रकम को सुरक्षित विकल्पों में स्थानांतरित कर देता है और बिना किसी परेशानी के अपना लक्ष्य हासिल कर लेता है। वहीं दूसरा निवेशक बिना किसी योजना के बाजार की अस्थिरता या टैक्स के बोझ के कारण नुकसान झेल सकता है। यही वजह है कि एग्जिट स्ट्रेटेजी को निवेश का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
निवेश के पहले दिन से बनाएं निकासी का प्लान
वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पैसा कब और कैसे निकालना है, इसकी योजना निवेश शुरू करते समय ही बना लेनी चाहिए। अगर किसी माता-पिता का लक्ष्य बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए फंड तैयार करना है, तो उन्हें लक्ष्य से कुछ वर्ष पहले ही निवेश का हिस्सा सुरक्षित विकल्पों में स्थानांतरित करना शुरू कर देना चाहिए। इसी तरह रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के लिए व्यवस्थित निकासी योजना (SWP) अपनाना बेहतर माना जाता है।
तय योजना से बाजार के उतार-चढ़ाव का डर कम होता है
जब निवेशक के पास पहले से तय रोडमैप होता है, तो वह बाजार में गिरावट आने पर घबराकर गलत निर्णय नहीं लेता। वहीं तेजी के दौर में भी लालच के कारण अनावश्यक जोखिम लेने से बचा जा सकता है। एक स्पष्ट एग्जिट प्लान निवेशक को भावनात्मक फैसलों से दूर रखता है और वित्तीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में मदद करता है।