पटवार भर्ती फर्जीवाड़े का खुलासा: डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर बनी पटवारी गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में हुए फर्जीवाड़े के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाली महिला पटवारी को 18 महीने बाद गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपनी जगह परीक्षा देने के लिए डमी अभ्यर्थी को करीब 5 लाख रुपए दिए थे। लंबे समय से फरार चल रही आरोपी पर एसओजी ने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था।
डमी अभ्यर्थी के जरिए हासिल की सरकारी नौकरी
एसओजी की जांच के अनुसार आरोपी चुंकी बाई ने वर्ष 2021 में आयोजित पटवार भर्ती परीक्षा में खुद शामिल होने के बजाय दूसरी महिला को अपनी जगह परीक्षा देने भेजा था। आरोप है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड पर फोटो बदलकर फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा दस्तावेजों और हस्ताक्षरों में भी हेरफेर की गई। परीक्षा में सफल होने के बाद आरोपी महिला की नियुक्ति भरतपुर जिले के कुम्हेर क्षेत्र में पटवारी पद पर हो गई।
5 लाख रुपए में तय हुआ था फर्जीवाड़े का सौदा
जांच में एसओजी को जानकारी मिली कि पटवारी बनने के लिए आरोपी महिला ने डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने का सौदा किया था। इसके लिए करीब 5 लाख रुपए का भुगतान किया गया था। एसओजी अधिकारियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों और उनकी मदद करने वाले गिरोह तक पहुंचने के लिए जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
गोपनीय शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पटवार भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर एसओजी को गोपनीय शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई और मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। एसओजी अब पूरे मामले में जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका भी तलाश रही है।
18 महीने तक पुलिस से बचती रही आरोपी
मामला दर्ज होने के बाद चुंकी बाई लगातार फरार चल रही थी। एसओजी के मुताबिक आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई जगहों पर ठिकाने बदले। वह डीग, भरतपुर और जालोर समेत अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रही थी। लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद एसओजी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े नए खुलासे करने का प्रयास किया जा रहा है।
डमी अभ्यर्थी पहले ही हो चुकी गिरफ्तार
इस मामले में परीक्षा देने वाली डमी अभ्यर्थी नेमी बाई उर्फ सम्मी उर्फ सुमिता को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया कि उसने चुंकी बाई की जगह परीक्षा दी थी। अब एसओजी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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