अलवर में बड़ा हादसा: जियो फाइबर कार्य के दौरान टूटा बिजली तार, 12वीं का छात्र झुलसा
अलवर शहर के 60 फीट रोड क्षेत्र में मंगलवार को जियो फाइबर का तार बिछाने के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। कार्य के दौरान अचानक बिजली का तार टूटकर सड़क से गुजर रहे 12वीं कक्षा के छात्र पर गिर गया। करंट लगने और गले में चोट लगने से छात्र घायल हो गया, जिसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और कार्य में बरती गई सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
घर लौटते समय हादसे का शिकार हुआ छात्र
जानकारी के अनुसार घायल छात्र चंदन जयसवाल अपनी बहन दीपिका का बीएसटी फॉर्म भरवाकर ई-मित्र केंद्र से घर लौट रहा था। उसी दौरान 60 फीट रोड पर जियो फाइबर नेटवर्क का कार्य चल रहा था और कर्मचारी तार बिछाने में जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक ऊपर से बिजली का तार टूटकर नीचे आ गिरा और सीधे चंदन उसकी चपेट में आ गया। करंट लगने के साथ तार उसके गले से भी टकराया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
मौके पर मची अफरा-तफरी, लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र को सड़क पर घायल अवस्था में देखकर आसपास मौजूद लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार छात्र के गले पर चोट आई है और उसे करंट का झटका भी लगा है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी में इलाज जारी है।
परिजनों ने जियो फाइबर कर्मचारियों पर लगाए लापरवाही के आरोप
घायल छात्र की मां इंदिरा जयसवाल ने घटना को लेकर जियो फाइबर से जुड़े कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कंपनी की ओर से बिजली विभाग को पूर्व सूचना दिए बिना ही तार बिछाने का काम किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यदि कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाता और सुरक्षा उपाय अपनाए जाते तो यह हादसा नहीं होता। परिजनों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके के लोगों ने भी कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को लेकर चिंता जताई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क किनारे चल रहे ऐसे कार्यों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है, ताकि राहगीरों की जान जोखिम में न पड़े। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह के कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए।