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अमेरिका के युद्ध खत्म होते ही रूस से रिश्ते मजबूत करने में जुटा ईरान, बैंकिंग सहयोग पर बड़ी पहल

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद तेहरान ने रूस के साथ आर्थिक संबंधों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती मंगलवार को एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मॉस्को रवाना हुए। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच मौद्रिक और बैंकिंग सहयोग को नई गति देना है।

मॉस्को पहुंचा ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरानी मीडिया के मुताबिक, केंद्रीय बैंक प्रमुख की यह यात्रा रूस और ईरान के वित्तीय तंत्र को और अधिक एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देश बैंकिंग सहयोग, भुगतान व्यवस्था और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

अमेरिका को अप्रत्यक्ष संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ प्रारंभिक समझौते के बावजूद ईरान यह संदेश देना चाहता है कि उसकी विदेश नीति स्वतंत्र है और वह अपनी रणनीतिक साझेदारियों का फैसला खुद करेगा। तेहरान यह दिखाना चाहता है कि दुनिया में केवल अमेरिका ही शक्ति केंद्र नहीं है और ईरान किसी एक धड़े पर निर्भर रहने को तैयार नहीं है।

प्राथमिक समझौते के बाद भी कई शर्तें गोपनीय

ईरान ने अमेरिका के साथ प्रारंभिक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण शर्तों को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) दोबारा ईरान में काम शुरू करेगी और 60 दिनों की वार्ता अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी प्रकार का टोल नहीं लगाया जाएगा।

ईरानी मीडिया के अनुसार, नौसैनिक प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद तीन ईरानी तेल टैंकर और दो मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं।

रूस-ईरान संबंधों में पिछले दशक में आया बड़ा बदलाव

पिछले एक दशक में मॉस्को और तेहरान के संबंधों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। 1990 के दशक के बाद दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार हुआ, जबकि 2010 के दशक के मध्य में सैन्य सहयोग और आर्थिक हितों के कारण दोनों देश और करीब आए।

हालांकि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तेजी से गहराई आई। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों ने भी मॉस्को और तेहरान को एक-दूसरे के और करीब ला दिया।

प्रतिबंधों ने बढ़ाई रणनीतिक साझेदारी

यूक्रेन, सीरिया और पश्चिमी प्रतिबंधों जैसे साझा मुद्दों ने रूस और ईरान के बीच सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। दोनों देश कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पश्चिमी नीतियों का विरोध करते रहे हैं, जिससे उनके रणनीतिक हितों में समानता बढ़ी है।

आर्थिक मोर्चे पर बढ़ रहा सहयोग

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2022 के बाद दोनों देशों ने आर्थिक साझेदारी पर विशेष ध्यान दिया है। इसमें शामिल हैं:

  • नए व्यापार समझौते
  • बैंकिंग तंत्र का एकीकरण
  • सीमा-पार व्यापार में वृद्धि
  • रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश का विस्तार
  • वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर काम

भविष्य में और मजबूत हो सकते हैं रिश्ते

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक रूस और ईरान पश्चिमी देशों के प्रति समान दृष्टिकोण बनाए रखेंगे, तब तक उनके संबंध और मजबूत होने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि ईरान के भीतर कुछ वर्ग रूस के साथ अत्यधिक निकटता को लेकर सतर्क भी हैं, इसलिए भविष्य की दिशा काफी हद तक तेहरान की आंतरिक नीति पर निर्भर करेगी।

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