थानागाजी में भीषण आग से दो कच्चे मकान खाक, 11 बकरियां जिंदा जलीं; लाखों का नुकसान
अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र के कुंडलका गांव में मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से दो कच्चे मकान जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आने से घरों में बंधी 6 बकरियां और उनके 5 बच्चे जिंदा जल गए, जबकि घरेलू सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गया। घटना के बाद प्रभावित परिवारों में शोक और मायूसी का माहौल है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
कुंडलका गांव में देर रात मचा हड़कंप
कुंडलका गांव में देर रात अचानक दो कच्चे मकानों में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ग्रामीणों ने धुआं और लपटें उठती देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग दोनों मकानों को अपनी चपेट में ले चुकी थी। घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
आग की चपेट में आकर 11 बकरियों की मौत
आग लगने के समय मकानों के पास बंधी 6 बकरियां और उनके 5 बच्चे बाहर नहीं निकल सके। देखते ही देखते सभी जानवर आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पशुओं की मौत से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही परिवार की आय का प्रमुख साधन था, ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका साबित हुआ है।
घरेलू सामान जलकर हुआ राख
आग ने दोनों मकानों में रखे घरेलू सामान को भी नहीं छोड़ा। कपड़े, बिस्तर, अनाज, फर्नीचर और रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। प्रभावित परिवारों के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि वे घरों से कोई सामान सुरक्षित नहीं निकाल सके। घटना के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है और उन्हें तत्काल राहत की जरूरत है।
दमकल और ग्रामीणों की मदद से पाया गया काबू
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया जा सका। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो आसपास के अन्य मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
प्रशासन ने शुरू की जांच
आग की सूचना पर थानागाजी पुलिस और पटवारी ओमप्रकाश शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मौका रिपोर्ट तैयार की और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जगराम और रामप्रताप गुर्जर के मकानों में यह हादसा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
तीन लाख से अधिक नुकसान की आशंका
प्रभावित परिवारों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आग से करीब 3 लाख 26 हजार रुपये के नुकसान की आशंका है। पशुओं की मौत और घरेलू सामान के नष्ट होने से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजा और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में मदद मिल सके।