भारतीय सेना के घायल सैनिकों के लिए दिल्ली में 64वां रक्तदान शिविर, 100 लोगों ने किया रक्तदान
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में भारतीय सेना के घायल सैनिकों के लिए 64वें रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सर्व सेवा संस्थान की ओर से आयोजित इस शिविर में 100 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर देश के जवानों के प्रति अपना सम्मान और जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
विश्व रक्तदाता दिवस पर हुआ आयोजन
राष्ट्रीय सर्व सेवा संस्थान द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर भारतीय सेना के घायल सैनिकों के लिए समर्पित था। शिविर का संचालन सेना के चिकित्सकों की देखरेख में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक श्याम शर्मा और उद्योगपति एवं समाजसेवी भरत मेहता ने किया। आयोजकों के अनुसार इस बार युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उत्साहजनक रही।
100 रक्तदाताओं ने दिया रक्त
शिविर में कुल 100 लोगों ने रक्तदान किया। आयोजकों ने बताया कि पहले की तुलना में महिलाओं और युवाओं की संख्या अधिक रही, जो समाज में जागरूकता बढ़ने का सकारात्मक संकेत है। रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
दिनेश बेदी को किया गया सम्मानित
भारतीय सेना के घायल सैनिकों के लिए लगातार 64 रक्तदान शिविर आयोजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राष्ट्रीय सर्व सेवा संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भिवाड़ी के समाजसेवी दिनेश बेदी को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सीमा सूरी ने सम्मानित किया। उनके योगदान की सराहना करते हुए संस्था ने उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया।
सामाजिक कार्यों में सक्रिय है संस्था
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सीमा सूरी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। संस्था समय-समय पर नेत्र जांच शिविर, स्टेशनरी वितरण, वृद्धाश्रम सेवा, कैंसर जागरूकता कार्यक्रम और अन्य सामाजिक गतिविधियों का आयोजन करती रहती है। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को साइकिलें भी वितरित की जाएंगी।
सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना
डॉ. सीमा सूरी ने कहा कि जो सैनिक देश की सीमाओं पर हर परिस्थिति में हमारी सुरक्षा करते हैं, उनके लिए रक्तदान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और घायल सैनिकों की सहायता के लिए रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है। कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।