FIFA 2026: जंग के बीच अमेरिका पहुंची ईरान की टीम, होटल के बाहर बिछाई गईं कंटीली तारें
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-जी मुकाबले से पहले ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम अमेरिका पहुंच चुकी है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच टीम की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जाना है।
मेक्सिको से लॉस एंजिलिस पहुंची टीम
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी टीम रविवार को मेक्सिको के तिजुआना स्थित अपने ट्रेनिंग बेस से लॉस एंजिलिस पहुंची। अमेरिकी सीमा के पास स्थित इस बेस को युद्ध शुरू होने के बाद अस्थायी रूप से टीम का ठिकाना बनाया गया था। इससे पहले ईरान का कैंप अमेरिका के एरिजोना में था, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे मेक्सिको स्थानांतरित कर दिया गया।
एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी
ईरानी टीम का ए320 विमान दोपहर करीब 4:11 बजे लॉस एंजिलिस एयरपोर्ट पर उतरा। जिस स्टेडियम में मुकाबला होना है, वह एयरपोर्ट से करीब 15 मिनट की दूरी पर स्थित है। टीम के होटल के बाहर पहले से ही पुलिस बल तैनात था।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत होटल के आसपास की सड़कों के कुछ हिस्सों पर कंटीली तारें लगाई गईं, जबकि पैदल यात्रियों के लिए कई फुटपाथ अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।
आज प्रेस कॉन्फ्रेंस, कल न्यूजीलैंड से मुकाबला
ईरान के मुख्य कोच आमिर ग़लानोई और स्टार स्ट्राइकर मेहदी तारेमी मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके बाद टीम सोमवार रात न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
युद्ध के कारण बदला गया था बेस कैंप
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद ईरानी टीम को अपना बेस कैंप एरिजोना से हटाकर मेक्सिको ले जाना पड़ा था। युद्ध के चलते टीम को लगातार यात्रा और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
शांति समझौते की उम्मीद के बीच तनाव बरकरार
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए औपचारिक शांति समझौते की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, मैदान के बाहर तनाव अब भी दिखाई दे रहा है।टीम के लॉस एंजिलिस पहुंचने के दौरान स्टेडियम के पास प्रदर्शन भी हुए। ईरानी मूल के कुछ लोगों ने लोकतंत्र की मांग करते हुए ईरानी सरकार के खिलाफ नारे लगाए और उन खिलाड़ियों व एथलीट्स के पोस्टर प्रदर्शित किए, जिनकी गिरफ्तारी के बाद मौत होने का दावा किया गया था।