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High Cholesterol Signs: क्या पैरों या सीने का दर्द बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है?

हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि अधिकांश मामलों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन जब धमनियों में फैट और कोलेस्ट्रॉल की परत जमा होकर रक्त प्रवाह को प्रभावित करने लगती है, तब शरीर कुछ संकेत देना शुरू कर सकता है। Mayo Clinic और American Heart Association के अनुसार कुछ प्रकार का दर्द और असहजता बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं।

पैरों में दर्द या ऐंठन हो सकती है चेतावनी

अगर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ी दूरी तय करने के दौरान पैरों में दर्द, भारीपन या ऐंठन महसूस होती है और आराम करने के बाद यह परेशानी कम हो जाती है, तो यह Peripheral Artery Disease (PAD) का संकेत हो सकता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब धमनियों में प्लाक जमा होने से पैरों तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हाई कोलेस्ट्रॉल इस समस्या के प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है।

सीने में जकड़न या दर्द को न करें नजरअंदाज

Mayo Clinic के अनुसार जब हृदय तक खून पहुंचाने वाली धमनियां संकरी होने लगती हैं, तो सीने में दर्द, दबाव या जकड़न महसूस हो सकती है। इस स्थिति को एंजाइना (Angina) कहा जाता है। यह दर्द अक्सर शारीरिक मेहनत, तनाव या तेज गतिविधि के दौरान बढ़ सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी माना जाता है, क्योंकि यह हृदय संबंधी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

ठंडे पैर और घाव का देर से भरना भी हो सकता है संकेत

यदि पैरों में लगातार ठंडापन महसूस हो, त्वचा का रंग बदलने लगे या छोटे-छोटे घाव भी सामान्य समय से अधिक देर में भरें, तो यह कमजोर रक्त प्रवाह का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि धमनियों में रुकावट के कारण शरीर के निचले हिस्सों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंच पाता, जिससे ऐसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

याद रखें, हाई कोलेस्ट्रॉल के हमेशा लक्षण नहीं होते

विशेषज्ञ स्पष्ट रूप से कहते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल स्वयं दर्द पैदा नहीं करता, बल्कि इसके कारण उत्पन्न धमनियों की रुकावट समस्याओं का कारण बनती है। कई लोगों में वर्षों तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए केवल शरीर में दर्द के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है। इसका सही पता केवल ब्लड टेस्ट से ही लगाया जा सकता है।

कब करानी चाहिए जांच?

यदि आपको बार-बार पैरों में दर्द, सीने में जकड़न, सांस फूलने या रक्त प्रवाह से जुड़ी अन्य समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना चाहिए। समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हाई कोलेस्ट्रॉल से होने वाले गंभीर जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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