किशनगढ़बास में पेट्रोल पंप से ट्रेलर चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
देर रात पेट्रोल पंप से ट्रेलर ले उड़े बदमाश
अलवर जिले के किशनगढ़बास क्षेत्र में वाहन चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए पेट्रोल पंप पर खड़े एक ट्रेलर को चोरी कर लिया। यह घटना खानपुर मेवान स्थित यूके फिलिंग स्टेशन पर हुई, जहां खड़ा भारी वाहन देर रात बदमाशों के निशाने पर आ गया। चोरी की पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। फुटेज में दिखाई दे रही गतिविधियों से अंदेशा जताया जा रहा है कि वारदात किसी संगठित और पेशेवर वाहन चोर गिरोह द्वारा अंजाम दी गई है।
काली स्कॉर्पियो में पहुंचे थे संदिग्ध
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार 10 जून की रात करीब 2 बजे एक काले रंग की स्कॉर्पियो पेट्रोल पंप परिसर में पहुंची। गाड़ी से उतरे कुछ अज्ञात लोग सीधे ट्रेलर के पास पहुंचे और बेहद कम समय में उसका लॉक तोड़ दिया। इसके बाद बदमाश ट्रेलर को लेकर मौके से फरार हो गए। पूरी कार्रवाई इतनी तेजी से की गई कि आसपास किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने पहले से रेकी की थी और उन्हें ट्रेलर की स्थिति तथा सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।
चालक ने सुरक्षा के लिए चाबी सेल्समैन को सौंपी थी
दोगड़ा गांव निवासी ट्रेलर चालक समसू खान ने पुलिस को बताया कि उसने 9 जून को अपना टाटा सिग्ना ट्रेलर पेट्रोल पंप पर खड़ा किया था। वाहन को सुरक्षित रखने के लिए उसने ट्रेलर को लॉक कर उसकी चाबी पेट्रोल पंप पर कार्यरत सेल्समैन विजय के पास छोड़ दी थी। इसके बाद वह अपने घर चला गया। दो दिन बाद जब वह वापस लौटा तो ट्रेलर अपनी जगह से गायब मिला। घटना की जानकारी मिलते ही उसके होश उड़ गए और उसने तुरंत आसपास तलाश शुरू की, लेकिन वाहन का कोई सुराग नहीं मिला।
ट्रेलर के साथ जरूरी दस्तावेज भी चोरी
पीड़ित चालक के अनुसार ट्रेलर के भीतर वाहन के सभी मूल दस्तावेज भी रखे हुए थे, जो चोरी के साथ ही गायब हो गए। घटना के बाद एक और सवाल खड़ा हुआ जब पेट्रोल पंप का सेल्समैन विजय भी मौके पर मौजूद नहीं मिला। इससे मामले में संदेह और गहरा गया है। ट्रेलर गायब होने की सूचना पेट्रोल पंप संचालक के बेटे इमरान ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू किए।
संगठित गिरोह के एंगल से जांच
पीड़ित द्वारा 13 जून को किशनगढ़बास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही स्कॉर्पियो की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि वारदात के पीछे अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह भी हो सकता है, क्योंकि ट्रेलर जैसी बड़ी गाड़ी चोरी करना सामान्य अपराधियों के बस की बात नहीं मानी जाती। विभिन्न जिलों और राज्यों में सक्रिय वाहन चोर गिरोहों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस टीमों की दबिश जारी
किशनगढ़बास पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया है। संदिग्धों के संभावित ठिकानों और वाहन चोरी से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में मिले सुराग जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी से पहले आरोपियों ने इलाके में कितनी बार रेकी की थी। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।