US-Iran शांति डील के बाद क्रूड ऑयल 4% टूटा, Brent 85 डॉलर से नीचे
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ी हलचल देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई है और ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर के नीचे फिसल गया है। इस घटनाक्रम के बाद निवेशकों और ऊर्जा बाजारों में नई उम्मीदें जगी हैं कि सप्लाई चेन धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।
क्रूड ऑयल में बड़ी गिरावट
शांति समझौते के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 3.95% गिरकर करीब 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 4.68% टूटकर 80.91 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। विशेषज्ञों के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों पर तुरंत दबाव पड़ा है।
होर्मुज स्ट्रेट और सप्लाई चेन पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खुलने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव कम होने की उम्मीद है, लेकिन पूरी सप्लाई चेन को सामान्य होने में समय लग सकता है। लंबे संघर्ष के कारण रिफाइनरी और गैस फील्ड्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है, जिससे उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है।
70 डॉलर के स्तर पर कब लौटेगा क्रूड?
युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, जबकि तनाव के दौरान यह 115 डॉलर तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही समझौते से राहत मिली हो, लेकिन उत्पादन और सप्लाई सिस्टम को सामान्य होने में समय लगेगा। इसलिए कीमतों का 70 डॉलर स्तर पर लौटना अभी जल्दबाजी होगी।
भारत पर संभावित असर
भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है। ऐसे में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से भारत को राहत मिल सकती है। हाल ही में बढ़े पेट्रोल-डीजल दामों के बाद अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में कटौती देखने को मिलेगी या नहीं।