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राजस्थान का नया सुपर एक्सप्रेस-वे बदलेगा विकास का नक्शा, कोटपूतली से अलवर का सफर होगा सिर्फ 45 मिनट

86 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे तेजी से ले रहा आकार

राजस्थान के अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के लिए एक बड़ी आधारभूत संरचना परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। पनियाला से बड़ौदामेव तक बनने वाला 86 किलोमीटर लंबा सुपर एक्सप्रेस-वे अब निर्माण के महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े अधिकांश मामलों के निस्तारण के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कार्य को गति दे दी है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा होगा जुड़ाव

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा संपर्क है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद अलवर और आसपास के क्षेत्रों को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे उद्योगों, व्यापारिक गतिविधियों और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। एनएचएआई के अनुसार परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण में 40 किलोमीटर और दूसरे चरण में 46 किलोमीटर हिस्से का निर्माण किया जाएगा। पहले चरण का कार्य शुरू हो चुका है और इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

1748 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा आधुनिक छह लेन मार्ग

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के लिए कुल 1748 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। एक्सप्रेस-वे की कुल चौड़ाई 100 मीटर होगी, जिसमें 60 मीटर सड़क निर्माण और 40 मीटर हरित पट्टी के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। यह अत्याधुनिक छह लेन सड़क होगी, जिसे भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। हरित क्षेत्र और आधुनिक सड़क संरचना इसे प्रदेश की प्रमुख सड़क परियोजनाओं में शामिल करती है।

55 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

इस सुपर एक्सप्रेस-वे का लाभ तीन जिलों के कुल 55 गांवों को सीधे तौर पर मिलेगा। इनमें कोटपूतली क्षेत्र के 2, बानसूर के 15, मुंडावर के 9, किशनगढ़बास के 2, अलवर के 16, रामगढ़ के 9 और लक्ष्मणगढ़ के 2 गांव शामिल हैं। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों को रोजगार, व्यापार और परिवहन की नई सुविधाएं मिलेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है।

समय और ईंधन दोनों की होगी बड़ी बचत

एक्सप्रेस-वे बनने के बाद कोटपूतली से अलवर की यात्रा का समय करीब दो घंटे से घटकर मात्र 45 मिनट रह जाएगा। इससे यात्रियों को समय की बड़ी बचत होगी। साथ ही हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से गुजरात और मुंबई की ओर जाने वाले वाहनों को दिल्ली के भीड़भाड़ वाले मार्गों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे ईंधन की खपत कम होगी और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन क्षेत्र को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।

पनियाला बनेगा मल्टी-लेन जंक्शन हब

परियोजना के तहत पनियाला क्षेत्र को एक बड़े मल्टी-लेन जंक्शन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, अंबाला ग्रीन फील्ड हाईवे और जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा। भविष्य में इसे नीमकाथाना बायपास से जोड़ने की भी योजना है। परियोजना में तीन प्रमुख इंटरचेंज, 46 वाहन अंडरपास और दो फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है। इन सुविधाओं से यातायात सुगम होगा और क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

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