गहलोत के ‘बीजेपी पर बैन’ बयान पर सियासी घमासान, शेखावत ने साधा तीखा निशाना
गहलोत के बयान से गरमाई राजस्थान की राजनीति
राजस्थान की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो भारतीय जनता पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर तीखे हमले किए। भाजपा का कहना है कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध लगाने जैसी बात लोकतंत्र की भावना के विपरीत है और ऐसे बयान एक वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देते।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया जोरदार पलटवार
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने गहलोत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजस्थान और विशेष रूप से जोधपुर की बदहाली के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई और जनता को कई मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ा। शेखावत ने कहा कि भाजपा पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल की उपलब्धियों और कमियों का मूल्यांकन करना चाहिए। उनके अनुसार राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के नाम पर ऐसे बयान देना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
सरकार गिराने के आरोपों पर भी दिया जवाब
शेखावत ने वर्ष 2020 के चर्चित राजनीतिक घटनाक्रम और सरकार गिराने के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार भाजपा पर सरकार अस्थिर करने के आरोप लगाती रही है, लेकिन आज तक कोई ठोस प्रमाण जनता के सामने नहीं रख सकी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के पास कोई विश्वसनीय सबूत है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। शेखावत का कहना था कि राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार पुराने आरोप दोहराने से सच्चाई नहीं बदलती और जनता अब तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना जानती है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग विवाद पर कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय मंत्री ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रकरण का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर अपने ही नेताओं और विधायकों की निगरानी कराने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान कई ऐसे विवाद सामने आए जिनमें पार्टी के अंदरूनी मामलों की रिकॉर्डिंग और निगरानी के आरोप लगे। शेखावत ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकाल की घटनाओं पर भी जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार राजनीतिक नैतिकता की बात करने वालों को पहले अपने आचरण की समीक्षा करनी चाहिए।
जोधपुर और राजस्थान के विकास को लेकर आरोप
शेखावत ने दावा किया कि जोधपुर और राजस्थान के विकास में सबसे बड़ी बाधा कांग्रेस सरकार की नीतियां रहीं। उन्होंने कहा कि पेयजल संकट, अधूरी परियोजनाएं और विकास कार्यों में देरी जैसी समस्याओं के लिए पूर्ववर्ती सरकार जिम्मेदार है। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए, लेकिन राज्य स्तर पर उनका प्रभावी उपयोग नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि आज भी कई क्षेत्रों में जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिसका कारण प्रशासनिक विफलताएं हैं।
भाजपा नेताओं ने गहलोत से मांगा स्पष्टीकरण
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष Madan Rathore ने भी गहलोत के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस अब भी आपातकाल जैसी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुनी गई राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की बात करना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका को किस दृष्टि से देखती है। इस पूरे विवाद के बाद राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।