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कोटा महंत हत्याकांड में बड़ा खुलासा, जिस पुजारी पर था शक वही निकला साजिश का हिस्सा

कोटा के चर्चित चंद्रेसल मठ महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मठ के पुजारी नंदनवन और गार्ड महावीर पारेता को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि दोनों को वारदात से पहले ही संदिग्ध गतिविधियों और आरोपियों के आने की जानकारी थी। सुपारी किलर्स से पूछताछ के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने हत्या को एक सुनियोजित साजिश साबित करने की दिशा में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं।

सुपारी किलर्स की पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

कोटा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों अद्वितीय और अंकित से पूछताछ के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। आरोपियों ने बताया कि वारदात से पहले उनकी मुलाकात मठ के पुजारी नंदनवन से करवाई गई थी। यह मुलाकात कथित रूप से वकील संतोष राय के माध्यम से हुई थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पुजारी को पहले से जानकारी थी कि कुछ लोग मठ में आने वाले हैं। पुलिस के अनुसार यह खुलासा मामले की जांच में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ है और इसी के आधार पर पुजारी को दोबारा गिरफ्तार किया गया।

पुजारी को पहले से थी पूरी योजना की जानकारी

जांच एजेंसियों के मुताबिक नंदनवन को यह बताया गया था कि वारदात के दौरान उसके कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी जाएगी। आरोपियों ने दावा किया कि पुजारी को यह भी बताया गया था कि आने वाले लोग महंत को केवल डराने और दबाव बनाने के उद्देश्य से आएंगे। हालांकि घटनाक्रम ने बाद में हत्या का रूप ले लिया। पुलिस का मानना है कि पुजारी ने शुरुआती पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं और जांच को गुमराह करने की कोशिश की। इसी कारण अब उसे साजिश में सहभागी मानते हुए गिरफ्तार किया गया है।

हिरासत से रिहाई और फिर दोबारा गिरफ्तारी

महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद पुलिस ने पुजारी नंदनवन को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया था। करीब छह दिनों तक उससे पूछताछ की गई, लेकिन उस समय कोई ठोस सबूत नहीं मिलने के कारण उसे छोड़ दिया गया था। बाद में जब मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए और पूछताछ शुरू हुई तो नंदनवन की भूमिका सामने आने लगी। आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

गार्ड महावीर की भूमिका भी जांच में आई सामने

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मठ का गार्ड महावीर पारेता भी कथित साजिश की जानकारी रखता था। पुलिस के अनुसार जब आरोपियों को मठ की रेकी कराने लाया गया था, तब महावीर वहां मौजूद था। इसके बावजूद उसने किसी को सूचना नहीं दी और न ही किसी प्रकार की सतर्कता दिखाई। पुलिस का मानना है कि उसे संभावित खतरे की जानकारी थी, लेकिन उसने इसे छिपाए रखा। इसी आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात के बाद मीडिया के सामने डर जताने वाला महावीर अब खुद पुलिस जांच के घेरे में है।

मठ और ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों पर भी नजर

महंत हत्याकांड में लगातार हो रहे खुलासों के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार मठ और ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश के बारे में कितने लोगों को पहले से जानकारी थी। जांच अधिकारी सभी गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं और डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

सुनियोजित साजिश की तरफ बढ़ रही जांच

महंत देवानंद महाराज की हत्या को लेकर शुरुआती दौर में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, लेकिन अब जांच स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे कई स्तरों पर तैयारी और समन्वय किया गया था। अब जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस यह जानने पर है कि इस पूरे षड्यंत्र का वास्तविक मास्टरमाइंड कौन है और इसमें कितने लोग शामिल थे। कोटा पुलिस जल्द ही मामले में और बड़े खुलासे कर सकती है।

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