ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा में उठाया फावड़ा, अधिकारियों को लगाई फटकार
कोटा जिले के सांगोद दौरे के दौरान राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने स्वच्छता अभियान के तहत खुद नालियों की सफाई कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने बिजली और पेयजल व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। मंत्री के इस अनोखे अंदाज ने जहां लोगों को प्रेरित किया, वहीं प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल भी खड़े किए।
स्वच्छता अभियान में मंत्री खुद बने श्रमिक
सांगोद दौरे के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने नालियों में जमा गंदगी को देखकर खुद फावड़ा और तगारी उठाई और सफाई कार्य में जुट गए। उनके साथ स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता भी इस अभियान में शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने आमजन से अपील की कि स्वच्छ भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी लोग मिलकर प्रयास करें और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
सुलभ कॉम्प्लेक्स और नगर पालिका व्यवस्था का निरीक्षण
दौरे के दौरान मंत्री ने सांगोद स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की सफाई व्यवस्था और सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा प्लास्टिक मुक्त अभियान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। मंत्री ने साफ कहा कि नागरिकों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर सख्त चेतावनी
विनोदखुर्द क्षेत्र में विद्युत ग्रिड सब स्टेशन के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने परिसर में अव्यवस्था और घास उगने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही उन्होंने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि क्षेत्र में कहीं भी ढीले तार या झुके हुए पोल नजर नहीं आने चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान सूंडकिया पेयजल योजना को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। इस पर मंत्री ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को तुरंत सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी, बिजली और स्वच्छता समय पर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।