अलवर में ‘नारी चौपाल’ कार्यक्रम: महिला सशक्तिकरण पर जोर
अलवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र सेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘नारी चौपाल–नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रताप ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के लाभ और जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की महिला लाभार्थियों को सांकेतिक चेक भी वितरित किए गए।
नारी शक्ति और सशक्तिकरण पर जोर
जिला स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत बनाना रहा। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ हर पात्र महिला तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे स्वयं भी जागरूक बनें और दूसरों को भी इन योजनाओं से जोड़ें।
महिला लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 10 महिला लाभार्थियों को सांकेतिक चेक सौंपे गए। इसमें लाडो प्रोत्साहन योजना की चार महिलाओं को 2500-2500 रुपये, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की पांच महिलाओं को 5-5 हजार रुपये और मुख्यमंत्री नारी उद्यम शक्ति प्रोत्साहन योजना की एक लाभार्थी को 2 लाख 73 हजार 600 रुपये का डमी चेक दिया गया। यह कदम महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है
महिलाओं के लिए योजनाओं और कानूनों की जानकारी
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, POSH एक्ट और अन्य कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। साथ ही नालसा और रालसा द्वारा संचालित योजनाओं जैसे नारी संवाद मंच, निःशुल्क विधिक सहायता और पीड़ित प्रतिकर योजना पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
सरकारी सुविधाओं और विकास कार्यों की जानकारी
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि महिलाओं के लिए क्रैच सुविधा, स्वयं सहायता समूहों की कैंटीन और सार्वजनिक पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और प्रशासन हर स्तर पर संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है।