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मिशन शक्ति से बदली बेटियों की तस्वीर, सुरक्षा और स्वावलंबन को मिला नया आयाम

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया मिशन शक्ति अभियान अब राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के तहत सुरक्षा, शिक्षा, नेतृत्व विकास और आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का दावा है कि मिशन शक्ति के माध्यम से प्रदेश की लाखों बेटियों को नए अवसर मिले हैं और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास

मिशन शक्ति के तहत प्रदेश के सरकारी विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बड़े स्तर पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 10 लाख से अधिक छात्राओं को जूडो-कराटे और सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण दिया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक रूप से सक्षम बनाना और उनमें आत्मविश्वास विकसित करना रहा। इसके साथ ही महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं और साइबर सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाए गए।

नेतृत्व विकास पर विशेष फोकस

सरकार ने बालिकाओं को प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी अनुभव देने के लिए ‘एक दिन की अधिकारी’ कार्यक्रम शुरू किया। इस पहल के तहत 89 हजार से अधिक छात्राओं को विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव कराया गया। विद्यालय, ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर अधिकारियों की भूमिका निभाकर छात्राओं ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्राप्त किया।

जागरूकता अभियानों से बढ़ी भागीदारी

मिशन शक्ति के अंतर्गत मीना मंच, जनसंवाद कार्यक्रम, रैलियां और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिला अधिकार, लैंगिक समानता, बाल विवाह निषेध, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी ने इन अभियानों को व्यापक स्वरूप दिया।

आर्थिक और डिजिटल सशक्तीकरण पर जोर

महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी चलाए गए। छात्राओं को बैंकिंग, बचत और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी गई। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए गए, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

सामाजिक सोच में बदलाव का दावा

सरकार का कहना है कि मिशन शक्ति का सबसे बड़ा प्रभाव समाज में महिलाओं और बेटियों को लेकर बदलती सोच के रूप में दिखाई दे रहा है। शिक्षा, खेल, प्रशासन, विज्ञान और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में बेटियों की बढ़ती भागीदारी को इस अभियान की उपलब्धि माना जा रहा है। महिला सुरक्षा को लेकर अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों ने महिलाओं में भरोसे का माहौल बनाने में योगदान दिया है।

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