PoK में बवाल: प्रदर्शन हिंसक, 7 की मौत; इंटरनेट बंद, सुरक्षा बल तैनात
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। रावलकोट में पुलिस और प्रतिबंधित संगठन के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़पों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक उपेक्षा जैसे मुद्दों को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।
रावलकोट में भड़की हिंसा, कई लोगों की गई जान
रावलकोट शहर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच हिंसक टकराव शुरू हो गया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, झड़पों में तीन नागरिकों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। वहीं पुलिस विभाग ने चार पुलिसकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि की है। दोनों पक्षों के घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
प्रतिबंधित संगठन के प्रदर्शन से पहले बढ़ा टकराव
यह हिंसा उस समय हुई जब जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को खतरा बताते हुए हाल ही में इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया था। संगठन का आरोप है कि उसकी गतिविधियों को दबाने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। प्रतिबंध के बावजूद संगठन ने आगामी दिनों में और बड़े प्रदर्शनों की चेतावनी दी है।
महंगाई, बेरोजगारी और संसाधनों को लेकर नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ती महंगाई, बिजली संकट, बेरोजगारी और प्राकृतिक संसाधनों के कथित दोहन ने जनता की परेशानियां बढ़ा दी हैं। प्रदर्शनकारी यह भी आरोप लगा रहे हैं कि क्षेत्र को राजनीतिक रूप से पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। कई सामाजिक संगठनों का दावा है कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है, जो अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है।
इंटरनेट बंद, सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई इलाकों में इंटरनेट और दूरसंचार सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। मुजफ्फराबाद समेत संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
विदेशी नागरिकों और पर्यटकों के लिए जारी हुई चेतावनी
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए विदेशी दूतावासों और स्थानीय प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों के लिए यात्रा परामर्श जारी करते हुए निर्धारित अवधि तक क्षेत्र की यात्रा टालने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और संवेदनशील हो सकते हैं।