सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: चांदी ₹6,000 टूटी, सोना भी हुआ सस्ता; निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
हफ्ते की शुरुआत में कमोडिटी बाजार में तेज गिरावट
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। घरेलू कमोडिटी बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव दबाव में रहे, जिससे निवेशकों और खरीदारों का ध्यान इस ओर गया। विशेष रूप से चांदी की कीमत में एक ही दिन में लगभग ₹6,000 की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी करीब ₹2,000 तक सस्ता हो गया। कीमतों में आई इस नरमी को खरीदारी का अवसर माना जा रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो निवेश या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।
MCX पर सोना और चांदी दोनों फिसले
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को सोने और चांदी के वायदा भावों में कमजोरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सोने की कीमत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में और अधिक दबाव दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय संकेतों की कमजोरी और निवेशकों की बदलती रणनीति का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। कीमतों में गिरावट के बाद कारोबारियों और निवेशकों की गतिविधियां बढ़ी हैं, क्योंकि कई लोग इसे खरीदारी के अनुकूल समय मान रहे हैं।
वैश्विक बाजार से मिला कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें लगातार दबाव में बनी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के प्रभाव से कीमती धातुओं की मांग प्रभावित हुई है। अमेरिकी बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स और स्पॉट गोल्ड दोनों में कमजोरी दर्ज की गई, जिससे दुनिया भर के बाजारों में इसका असर दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेत फिलहाल सोने और चांदी के लिए अनुकूल नहीं दिख रहे हैं।
अमेरिकी आंकड़ों और ब्याज दरों का असर
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़े माने जा रहे हैं। बेहतर रोजगार आंकड़ों ने इस संभावना को बढ़ाया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों से दूरी बनाकर अन्य निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं। इसी कारण कीमती धातुओं की मांग पर दबाव बढ़ा है।
आगे क्या रह सकती है बाजार की दिशा?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित रहेंगी। मध्य पूर्व में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग फिर मजबूत हो सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार में दबाव का माहौल बना हुआ है।