US-Iran War: क्या डोनाल्ड ट्रंप और सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की होगी मुलाकात? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खारिज किया दावा
मिडल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण तनाव के बीच क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के बीच कोई ऐतिहासिक मुलाकात हो सकती है? इस सवाल पर लंबे समय से चल रही अटकलों को अब खुद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बातचीत और मुलाकात की इच्छा जताए जाने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए अराघची ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को लेकर हमें कल्पनाओं के बजाय जमीनी हकीकत को समझना होगा और ‘असल दुनिया’ में जीना होगा।
ईरान के विदेश मंत्री बोले- ‘हकीकत को समझें, असल दुनिया में जिएं’
अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क ‘अल जजीरा’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में अमेरिकी दावों पर खुलकर बात की। अराघची ने कहा, “मैंने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं, जिनमें यह कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ किसी समझौते के लिए बैठक करने को तैयार हैं या मुलाकात करना चाहते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि इस पूरे मामले को केवल असलियत के नजरिए से ही देखा जाना चाहिए। हमें व्यावहारिक होना होगा।” उनके इस बयान से साफ है कि ईरान फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी वार्ता या जल्दबाजी में समझौता करने के मूड में नहीं है।
डोनाल्ड ट्रंप ने जताया था मुलाकात का इरादा, कहा था- ‘होगी सम्मान की बात’
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ईरान संकट को सुलझाने के लिए एक बड़ा बयान दिया था। ट्रंप ने कहा था कि अगर तेहरान (ईरान) के साथ किसी स्थाई शांति समझौते तक पहुंचने में मदद मिलती है, तो वह ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए तैयार होंगे। ट्रंप ने आगे कहा था, “मैं खुद से मिलने की मांग नहीं कर रहा हूं, लेकिन अगर भविष्य में ऐसी कोई मुलाकात होती है, तो मुझे उनसे मिलकर सम्मान महसूस होगा। मैं हमेशा आदर दिखाऊंगा, भले ही हम दोनों के बीच पुराने मतभेद रहे हों।”
सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं नए सुप्रीम लीडर
कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली सैन्य हमलों में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। विदेश मंत्री अराघची ने संकेत दिया कि युद्ध और भारी सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए देश की सुरक्षा एजेंसियों ने नए सुप्रीम लीडर को सार्वजनिक रूप से ज्यादा सामने न आने की सलाह दी है। यही कारण है कि वह पूरी तरह से पर्दे के पीछे रहकर देश और सेना की कमान संभाल रहे हैं, ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ उनकी आमने-सामने की मुलाकात की संभावना पूरी तरह से अवास्तविक लगती है।
युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग
फरवरी के अंत से शुरू हुए इस भीषण अमेरिका-ईरान युद्ध का सबसे बड़ा और सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी सैन्य संघर्ष और तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयानों में लगातार तेल की बढ़ती कीमतों और इसके आर्थिक प्रभाव को कम करके आंकने का प्रयास किया है, लेकिन अमेरिका के भीतर ही अब इस युद्ध को लेकर आम जनता और विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है।