Bihar News: ‘कोचिंग वालों का आपसी झगड़ा है…’, खान सर मामले पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, NEET पेपर लीक को लेकर सरकार को घेरा
बिहार की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर ‘जन सुराज’ के संस्थापक प्रशांत किशोर ने राज्य के कई ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुई फायरिंग और एफआईआर के मामले, देशव्यापी नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद और आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पर सरकार को आड़े हाथों लिया। प्रशांत किशोर ने खान सर से जुड़े मामले को कोचिंग संचालकों की आपसी रंजिश करार दिया, जबकि पेपर लीक की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर फल-फूल रहे कोचिंग माफिया और लचर सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहराया।
खान सर कोचिंग सेंटर विवाद पर प्रशांत किशोर का तटस्थ रुख
राजधानी पटना के चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान से जुड़े फायरिंग मामले और उन पर दर्ज एफआईआर को लेकर जब प्रशांत किशोर से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर बेहद नपा-तुला और तटस्थ जवाब दिया। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह पूरी घटना मुख्य रूप से कोचिंग संस्थान चलाने वाले लोगों के बीच का आपसी विवाद और व्यावसायिक झगड़ा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं इस क्षेत्र या इस तरह के विवादों का विशेषज्ञ नहीं हूं। चूंकि मुझे इस मामले की पूरी और आधिकारिक जानकारी नहीं है, इसलिए मैं इस पर कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहता।”
‘जब तक कोचिंग हावी रहेंगे, पेपर लीक होते रहेंगे’ – पीके का बड़ा दावा
नीट (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक मामले पर प्रशांत किशोर ने बेहद आक्रामक और व्यवस्थागत रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक होना अब कोई एक अलग-थलग घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरी व्यवस्था की एक गहरी बीमारी बन चुकी है। पीके ने दावा किया कि पिछले 10 से 15 सालों में देश के भीतर कोचिंग संस्थानों का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि वे नए छात्रों को आकर्षित करने और अपना बिजनेस चमकाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दो साल पहले भी नीट का पेपर लीक हुआ था, इस बार भी हुआ है और आगे भी होता रहेगा, क्योंकि सरकारें इस मूल जड़ पर प्रहार नहीं कर पा रही हैं।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को बताया एनडीए सरकार पर जनमत संग्रह
प्रशांत किशोर ने पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को बिहार की राजनीति के लिए बेहद टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने कहा कि यह महज एक विधानसभा का साधारण चुनाव नहीं है, बल्कि यह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुराना गढ़ रही सीट है, जहां पिछले 40 सालों से कोई भी दल भाजपा को परास्त नहीं कर सका है। पीके ने एनडीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह चुनाव नवंबर 2025 में बनी सरकार के बड़े-बड़े वादों पर एक जनमत संग्रह (Referendum) की तरह होगा, जहां जनता तय करेगी कि उनके साथ न्याय हुआ या धोखा।
धोखे का जवाब देने के लिए पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगा जन सुराज
प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता को याद दिलाया कि सत्ताधारी गठबंधन ने राज्य के लोगों को लुभावने वादे कर, भ्रमित कर और आर्थिक प्रलोभन देकर अपनी सरकार बनाई थी। पहली बार बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनने के बाद पलायन रोकने, रोजगार देने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने जैसे दावों की जमीनी हकीकत इस चुनाव में सामने आ जाएगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि जन सुराज इस बार बांकीपुर उपचुनाव में अपनी पूरी सांगठनिक ताकत झोंक देगा। यह लड़ाई एनडीए द्वारा बिहार में बदलाव की इच्छा रखने वाले लोगों और जन सुराज के साथ किए गए धोखे का लोकतांत्रिक जवाब देने के लिए होगी।