छात्रों को नहीं होगी परेशानी! NEET री-एग्जाम के लिए CM देवेंद्र फडणवीस ने दिए कड़े निर्देश, पुणे-लातूर पर विशेष नजर
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं के बाद अब राज्यों की सरकारें भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगामी 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा (Re-Exam) को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्यभर में यह परीक्षा पूरी पारदर्शिता, कड़ी सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के साथ आयोजित की जानी चाहिए, ताकि परीक्षा देने वाले किसी भी छात्र को किसी तरह की मानसिक या व्यावहारिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
3 मई को रद्द हुई परीक्षा के बाद 21 जून को दोबारा इम्तिहान
गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को देश भर में आयोजित की गई नीट परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक होने और अन्य गंभीर आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने छात्रों के हित में पुनर्परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया, जिसकी तारीख 21 जून तय की गई है। इस परीक्षा में महाराष्ट्र से भी बहुत बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और साख बनाए रखना प्रशासन के सभी संबंधित विभागों की सबसे पहली और सामूहिक जिम्मेदारी है।
CCTV की निगरानी और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने का आदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को पूरी तरह सक्रिय और चालू हालत में रखा जाए, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रहे। इसके साथ ही डिजिटल युग में तकनीकी धांधली को रोकने के लिए उन्होंने साइबर सुरक्षा सेल को भी मुस्तैद रहने को कहा है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी, ऑनलाइन हैकिंग या सोशल मीडिया के जरिए होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए एडवांस कदम उठाए जाएं।
पहचान सत्यापन में सख्ती और अफवाहों पर लगाम लगाने की रणनीति
परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए इस बार एंट्री गेट पर भी कड़े नियम लागू रहेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन (Biometric/ID Verification) की प्रक्रिया को बेहद सख्ती के साथ पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सूचना प्रबंधन (Information Management) पर जोर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़ी किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह का तत्काल खंडन किया जाए, क्योंकि ऐसी अफवाहें परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल में छात्रों और उनके अभिभावकों में अनावश्यक डर पैदा करती हैं।
पुणे और लातूर के परीक्षा केंद्रों पर रहेगा विशेष फोकस
महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के बड़े हब माने जाने वाले पुणे और लातूर जिलों के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष सुरक्षा और निगरानी के आदेश दिए हैं। देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को याद दिलाया कि इन दोनों ही क्षेत्रों से हर साल रिकॉर्ड संख्या में छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठते हैं। ऐसे में इन संवेदनशील और बड़े केंद्रों पर भीड़ प्रबंधन, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और विशेष निगरानी दल की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अराजकता की स्थिति उत्पन्न न हो सके।