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सरिस्का में पहली बार दिखा दुर्लभ सफेद मोर, वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह

अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक दृश्य सामने आया है। सरिस्का के बाल किला बफर क्षेत्र में पहली बार सफेद मोर दिखाई दिया है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी ने वन्यजीव प्रेमियों, पर्यटकों और वन विभाग के अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विशेषज्ञ इसे सरिस्का के समृद्ध जैव विविधता तंत्र के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

बाल किला बफर क्षेत्र में दिखा दुर्लभ सफेद मोर

सरिस्का टाइगर रिजर्व के बाल किला बफर जोन में वन्यजीव प्रेमियों को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जो बेहद कम देखने को मिलता है। यहां एक सफेद मोर खुले क्षेत्र में विचरण करता नजर आया। सामान्यतः भारत में नीले रंग के मोर दिखाई देते हैं, लेकिन सफेद मोर अपनी दुर्लभता के कारण विशेष महत्व रखता है। इस पक्षी को देखने वाले पर्यटकों और फोटोग्राफरों ने इसकी तस्वीरें और वीडियो कैद किए, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सफेद मोर का दिखाई देना सरिस्का के स्वस्थ और संतुलित इकोसिस्टम की ओर संकेत करता है। सफेद मोर कोई अलग प्रजाति नहीं होता, बल्कि यह आनुवंशिक बदलाव (ल्यूसिज्म) के कारण सफेद रंग का दिखाई देता है। ऐसे पक्षी प्राकृतिक वातावरण में कम संख्या में पाए जाते हैं। सरिस्का जैसे संरक्षित वन क्षेत्र में इसका दिखाई देना इस बात का संकेत है कि यहां वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण मौजूद है और जैव विविधता लगातार मजबूत हो रही है।

पर्यटकों और फोटोग्राफरों में बढ़ा आकर्षण

दुर्लभ सफेद मोर की तस्वीरें सामने आने के बाद सरिस्का आने वाले पर्यटकों में उत्सुकता बढ़ गई है। वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए यह एक अनोखा अवसर माना जा रहा है। कई पर्यटक अब इस दुर्लभ पक्षी की झलक पाने के लिए सरिस्का का रुख कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने भी लोगों का ध्यान सरिस्का की ओर आकर्षित किया है, जिससे आने वाले समय में पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

संरक्षण और निगरानी पर रहेगा फोकस

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी पर निगरानी रखी जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सफेद मोर को किसी प्रकार की मानवीय गतिविधियों या अन्य खतरों से नुकसान न पहुंचे। वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दुर्लभ जीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण भविष्य के लिए बेहद आवश्यक है। सरिस्का में सफेद मोर का दिखना न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशी की खबर है, बल्कि यह संरक्षण प्रयासों की सफलता का भी प्रतीक माना जा रहा है।

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